सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मनाई गई वीर कुंवर सिंह जी की जयंती

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मनाई गई वीर कुंवर सिंह जी की जयंती
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गुमला में 1857 की क्रांति के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह की जयंती बड़े उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाई गई। विद्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी, आचार्य संजय कुमार, सत्यम सतलज, ऋषि कुमार तथा विकास कुमार द्वारा वीर कुंवर सिंह के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी आचार्यों एवं भैया बहनों ने 80 वर्ष की आयु में भी अंग्रेजों के विरुद्ध उनके अदम्य साहस, वीरता और देशप्रेम को याद किया। इस अवसर पर कक्षा एकादश की बहन अपूर्वी प्रसाद ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि वीर कुंवर सिंह युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं और हमें उनके त्याग और बलिदान से सीख लेकर राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
प्राथमिक खंड के भैया बहनों ने भी अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। रमेश प्रधान (कक्षा 5 ‘अ’), हनी जायसवाल (कक्षा 5 ‘ब’) तथा अनन्यमय कुमार (कक्षा 5 ‘अ’) ने आकर्षक चित्र बनाकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। वहीं काव्य प्रकाश, अक्षिता कुमारी तथा रमेश प्रधान द्वारा प्रस्तुत मधुर भजन और देशभक्ति गीतों ने पूरे सभागार को देशप्रेम की भावना से सराबोर कर दिया।
प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि वीर कुंवर सिंह केवल एक योद्धा नहीं बल्कि आत्मबल, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। उन्होंने बच्चों को उनके आदर्शों पर चलने और जीवन में साहस व सत्यनिष्ठा अपनाने की प्रेरणा दी।
आचार्य उमा कुमारी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि ऐसे महान वीरों की जयंती मनाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने इतिहास से जोड़ना है। उन्होंने भैया बहनों से आग्रह किया कि वे अपने कर्तव्यों को समझें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।