पलामू टाइगर रिजर्व में मजदूरी संकट, 360 श्रमिकों को नहीं मिला भुगतान

बरवाडीह। झारखंड वन श्रमिक यूनियन की कार्यकारिणी की बैठक रविवार को बेतला के न्यू टूरिस्ट काम्प्लेक्स परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष सिद्धिनाथ झा ने की, जिसमें बड़ी संख्या में वन श्रमिकों एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में यूनियन अध्यक्ष सिद्धनाथ झा ने बताया कि अक्टूबर 2025 से लेकर अप्रैल 2026 तक पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) एवं महुआडांड़ भेड़िया आश्रयणी के लगभग 360 दैनिक मजदूरों का मजदूरी भुगतान अब तक नहीं किया गया है। मजदूरी नहीं मिलने से श्रमिकों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। यूनियन ने आरोप लगाया कि बारेसाड़ और गारू पूर्वी वन क्षेत्र में 34 मजदूरों को बिना भुगतान किए ही कार्य से हटा दिया गया, जो कि वन विभाग के अधिकारियों का तानाशाही रवैया दर्शाता है। इस दौरान छंटनी और बकाया मजदूरी के तनाव में लक्ष्मण नगेसिया की हृदयगति रुकने से मौत का मामला भी उठाया गया। यूनियन ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराने के प्रयास के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। यूनियन ने क्षेत्र निदेशक, पलामू व्याघ्र परियोजना से मांग की कि सभी श्रमिकों का बकाया मजदूरी शीघ्र भुगतान किया जाए, हटाए गए मजदूरों को वापस काम पर लिया जाए तथा दिवंगत लक्ष्मण नगेसिया के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए।यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 मई तक मजदूरी भुगतान और पुनर्नियोजन नहीं किया गया, तो 19 मई से डालटनगंज स्थित क्षेत्र निदेशक कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी। बैठक के अंत में दिवंगत लक्ष्मण नगेसिया की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस मौके पर बलराम यादव, अशोक सिंह, सुधीर तिवारी,महामंत्री मोमीन अंसारी,अशोक सिंह,जितबाहन सिंह,नीतू दा,फैज अहमद, वंशी यादव, ईश्वरी यादव, बागेश्वर यादव,कामता सिंह, बंधन सिंह,सुहेल अख्तर भोलू सहित कई पदाधिकारी एवं श्रमिक उपस्थित रहे।