मंत्रोच्चार, हवन और हनुमान चालीसा के बीच सरस्वती शिशु विद्या मंदिर गुमला में नए सत्र का प्रेरक आगाज़

मंत्रोच्चार, हवन और हनुमान चालीसा के बीच सरस्वती शिशु विद्या मंदिर गुमला में नए सत्र का प्रेरक आगाज़

गुमला – सरस्वती शिशु विद्या मंदिर गुमला में शैक्षणिक सत्र 2026–27 का शुभारंभ आध्यात्मिक गरिमा, अनुशासन और उत्साह के वातावरण में हुआ। सत्र के पहले दिन विद्यालय परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से गूंज उठा, जिससे पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी के नेतृत्व में वरिष्ठ आचार्य संजय कुमार, सुदर्शन शर्मा और अन्नपूर्णा कुमारी ने विधिवत पूजन संपन्न कराया। आचार्य देवेंद्र नाथ तिवारी एवं सुभाष कुमार ने पुरोहित की भूमिका निभाते हुए पूरे विधि-विधान से हवन कराया। हवन के उपरांत विद्यार्थियों (भैया-बहनों) के बीच प्रसाद वितरित किया गया।
अपने संबोधन में प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी ने कहा, “शिक्षा केवल जानकारी का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है।” आचार्य संजय कुमार ने समय के सदुपयोग और नैतिक मूल्यों के पालन की प्रेरणा दी, जबकि आचार्य सुदर्शन शर्मा ने नए सत्र के नियमों, दिनचर्या और अनुशासन संबंधी दिशा-निर्देशों से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
नए सत्र के प्रथम दिन बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। नई कक्षाओं, नई पुस्तकों और नए संकल्पों के साथ विद्यार्थियों ने पढ़ाई की शुरुआत की। स्थानीय प्रबंधन समिति के सचिव विजय बहादुर सिंह ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में विद्यालय के सभी आचार्य, दीदी जी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यह शुभारंभ केवल सत्रारंभ नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त शिक्षा की दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में देखा गया।