गिरिडीह में सीबीएसई प्रशिक्षण, नई शिक्षा नीति को लेकर शिक्षकों को दिया गया मार्गदर्शन

सरस्वती विद्या मंदिर, बरगंडा गिरिडीह में आज दिनांक 23/03/26 (सोमवार) को सीबीएसई द्वारा एक दिवसीय इन-हाउस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई।

प्रशिक्षण के रिसोर्स पर्सन डॉ. ब्रजेश बर्णवाल ने क्रिटिकल एंड क्रिएटिव थिंकिंग विषय पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि सृजनात्मक व आलोचनात्मक चिंतन दोनों एक दूसरे का पूरक है। सृजनात्मक चिंतन विचारों को नए और अनोखे तरीके से सोचने की प्रक्रिया है वहीं आलोचनात्मक चिंतन उस विचार को विश्लेषण और मूल्यांकन करने की प्रक्रिया है।रिसोर्स पर्सन शंभू शंकर ने जेंडर सेंसिटिविटी विषय पर प्रशिक्षण दिया। रिसोर्स पर्सन मौतूसी डैन ने स्टोरी टेलिंग एस पड़ाग्गोजी विषय पर प्रशिक्षण दिया। रिसोर्स पर्सन राजीव सिन्हा ने क्लासरूम मैनेजमेंट विषय पर प्रशिक्षण दिया। रिसोर्स पर्सन मोनिका सिंह ने एक्सपीरिएंशियल लर्निंग विषय पर प्रशिक्षण दिया। रिसोर्स पर्सन मोनालिशा ने जोयफुल मैथमेटिक्स विषय पर प्रशिक्षण दिया।

सभी दीदी और आचार्य जी ने भैया-बहनों के लिए भावनात्मक सुरक्षा, जुड़ाव और खुशनुमा माहौल बनाने की आधुनिक तकनीकों को समझा। सीबीएसई के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने ज्ञान की प्रकृति, इसे प्राप्त करने के तरीके और भैया-बहनों में गहन चिंतन, विश्लेषण तथा रचनात्मक सोच विकसित करने पर मार्गदर्शन दिया। सत्र को इंटरैक्टिव गतिविधियों, केस स्टडीज और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से रोचक बनाया गया।

प्रधानाचार्य आनंद कमल ने कहा कि यह प्रशिक्षण ज्ञान संवर्धन और शिक्षा के क्षेत्र में नई चुनौतियों का सामना करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस ट्रेनिंग का उद्देश्य विद्या भारती से जुड़े स्कूलों में राष्ट्रभक्ति के साथ-साथ आधुनिक और वैज्ञानिक शिक्षण प्रणाली को और मजबूत करना है। आचार्यों को नई ऊर्जा, नई सोच और बेहतर शिक्षण कौशल प्रदान करता है, जिससे भैया-बहनें देश-दुनिया में नई ऊंचाइयां छू सकें।