एडमिट कार्ड जारी करने के बाद परीक्षा रद्द करना एनपीयू प्रशासन की विफलता

एडमिट कार्ड जारी करने के बाद परीक्षा रद्द करना एनपीयू प्रशासन की विफलता

नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एनपीयू द्वारा पहले परीक्षा कार्यक्रम जारी किया गया, उसके बाद विद्यार्थियों का एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया गया, लेकिन अचानक परीक्षा को स्थगित कर नया कार्यक्रम जारी कर दिया गया। यह विश्वविद्यालय की प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्था को साफ दर्शाता है। आजसू छात्र नेता अभिषेक राज ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के इस तरह के निर्णय से हजारों छात्रों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्र दूर-दराज के क्षेत्रों से परीक्षा देने के लिए तैयारी करते हैं, यात्रा की व्यवस्था करते हैं और मानसिक रूप से परीक्षा के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन ऐन समय पर परीक्षा स्थगित कर देना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि अगर परीक्षा विभाग को कार्यक्रम में बदलाव ही करना था तो एडमिट कार्ड जारी करने से पहले ही स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए था। एडमिट कार्ड जारी करने के बाद परीक्षा स्थगित करना विश्वविद्यालय की गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली को दर्शाता है। अभिषेक राज ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए परीक्षा विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करे और छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखे। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय की लापरवाही इसी तरह जारी रही तो छात्र संगठन आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय को चाहिए कि वह परीक्षा से संबंधित सभी निर्णय समय पर और पारदर्शिता के साथ ले, ताकि छात्रों को अनावश्यक परेशानी और असमंजस की स्थिति का सामना न करना पड़े।