100 दिवसीय टीबी अभियान ने सिसई में पकड़ी रफ्तार: हाई-रिस्क गांवों से लोगों को लाकर ऑन-स्पॉट जांच
100 दिवसीय टीबी अभियान ने सिसई में पकड़ी रफ्तार: हाई-रिस्क गांवों से लोगों को लाकर ऑन-स्पॉट जांच
गुमला – जिले में संचालित 100 दिवसीय टीबी अभियान 2026 के तहत सिसई प्रखंड में गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. के. के. मिश्रा ने सिसई का दौरा कर अभियान की प्रगति का स्थल निरीक्षण किया और स्वास्थ्य टीम के प्रयासों की सराहना की।
संसाधनों की सीमित उपलब्धता के बावजूद रेफरल अस्पताल सिसई में स्थापित एक्स-रे मशीन का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। जिले में उपलब्ध दो पोर्टेबल एक्स-रे मशीन फिलहाल भरनो और गुमला प्रखंड में आयुष्मान आरोग्य शिविरों में उपयोग हो रही हैं। ऐसे में सिसई में आरबीएसके वाहन के माध्यम से हाई-रिस्क गांवों से लोगों को अस्पताल लाकर चेस्ट एक्स-रे जांच सुनिश्चित की जा रही है।
29 अप्रैल 2026 को हाई-रिस्क ग्राम बरगांव से 48 लोगों को लाया गया, जिनमें 41 का चेस्ट एक्स-रे किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी राशिता कुमारी एवं एएनएम पार्वती कुमारी ने डायबिटीज, बीपी और बीएमआई सहित अन्य आवश्यक जांच भी की।
अब तक सिसई प्रखंड में 25 आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित कर 706 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जबकि 111 व्यक्तियों का एक्स-रे रेफरल अस्पताल में किया गया है। सिसई के लिए पोर्टेबल एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराने हेतु रूट चार्ट तैयार किया गया है, ताकि हाई-रिस्क क्षेत्रों और समूह में रहने वाले स्थानों पर गांव स्तर पर ही ऑन-स्पॉट जांच हो सके।
निरीक्षण के दौरान डॉ. मिश्रा ने लोगों को टीबी से संबंधित आवश्यक जानकारी दी और अन्य प्रखंडों से भी इसी प्रकार सक्रियता दिखाने की अपील की, ताकि गुमला जिले की पंचायतों को शीघ्र टीबी मुक्त घोषित करने की दिशा में प्रगति हो।
अभियान की सफलता में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ललिता कुमारी मिंज की भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई। उनके मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सेवाएँ तेज गति से क्रियान्वित हो रही हैं।
इस अवसर पर डॉ. संजय प्रसाद, डॉ. स्वाति केसरी, बीपीएम नवीन केरकेट्टा, वरीय चिकित्सा पर्यवेक्षक शिवनारायण सिंह, सीएचओ राशिता कुमारी, एएनएम पार्वती कुमारी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।


