नहीं रही बंगाली समाज की मजबूत स्तंभ जया चक्रवर्ती
नहीं रही बंगाली समाज की मजबूत स्तंभ जया चक्रवर्ती
प्रतिनिधि, मेदिनीनगर
पलामू की बंगाली समाज की मजबूत स्तंभ व समाजसेवी जया चक्रवर्ती नहीं रही। शनिवार की देर रात उनका निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार वे हाई शुगर की पेशेंट थी और रात को अचानक उनका किडनी फेल कर गया जिस वजह से उनकी मौत हो गई। रविवार को उनका दाह संस्कार कोयल नदी के तट पर हरिश्चंद्र घाट पर किया गया। जया चक्रवर्ती की निधन की खबर सुनते ही बंगाली समाज में शोक की लहर दौर गई। वे 56 साल की थी, अपने पीछे उन्होंने अपने पति उत्तम कुमार चटर्जी, एक पुत्र अनिमेष चटर्जी और एक पुत्री आलोका चटर्जी को छोड़ गई है। बांगीय दुर्गाबाड़ी के अध्यक्ष देवेश मोइत्रा ने कहा कि जया चक्रवर्ती समाज की एक मजबूत स्तंभ थी जो हमेशा हर काम में महिला विंग की अगुवाई करती थी। इसके अलावा वे समाज सेवा के क्षेत्र में भी काफी सक्रिय थी। खास कर उन्होंने कई जरूरतमंद परिवार की लड़कियों का विवाह करवाई थी। उनका जुड़ाव भारतीय जीवन बीमा से भी रहा और वे एक प्रथम श्रेणी की अभिकर्ता थी। उनके निधन पर देवाशीष सेनगुप्ता, गौतम सेनगुप्ता, सौभिक दत्ता, पार्थ प्रतिम गुप्ता, शैबाल बोराल, उज्ज्वल सेनगुप्ता, सैकत चटर्जी, अमर भांजा, शिवेश मोइत्रा, जयंत विश्वास, नीलकमल भट्टाचार्य, प्रसेनजीत दासगुप्ता, नागेंद्र भारती, पंकज श्रीवास्तव, विकास सिंह, सौरभ सिंह, चंदन सिंह , राणा प्रताप सिंह, सुजीत कुमार मैती, संजय कुमार पोद्दार आदि ने शोक व्यक्त किया है।

