एनटीपीसी के ट्रांसपोर्टिंग कंपनी रविन्द्र इंटरप्राइजेज और कोल ढुलाई के विरुद्ध जेएमएम के मनोज चंद्रा ने खोला मोर्चा
उपायुक्त को आवेदन देकर सिमरिया रास्ते फ्लाई ऐश और कोयला ढुलाई पूर्णतः बंद करने का किया आग्रह

कोयला ढुलाई कर रहे भारी वाहनों ने 2 हजार लोगों को ली है जान,नहीं मिली परिजनों को समुचित मुआवजा – मनोज चंद्रा
कारवाई नहीं तो 3 जनवरी 2026 से अनिश्चित कालीन सिमरिया चौक पूर्णतः आवागमन रहेगी बंद – मनोज चंद्रा
आर पार की होगी सिमरिया रास्ते कोयला ढुलाई के विरुद्ध कारवाई, अनिश्चित कालीन बंद
कोल वाहनों ने जान लिया है अब बंद करवा के रहेंगे, वर्ना होगी चक्का जाम,हजारों लोग उतरेंगे सड़क पर
सिमरिया : झारखंड मुक्ति मोर्चा के सिमरिया विधान सभा प्रभारी सह सिमरिया 26 अज के चहेते प्रत्याशी मनोज चंद्रा ने कोयला ढुलाई से लेकर एनटीपीसी के द्वारा जलाई गई कोयले की छाई (फलाई ऐश) की सिमरिया प्रखंड के रास्ते ट्रांसपोर्टिंग कंपनी रविन्द्र इंटरप्राइजेज के द्वारा की जा रही ढुलाई के विरुद्ध बिगुल फूंक दिया है। इसे पूर्णतः रोकने को लेकर उपायुक्त कृति श्री चतरा को लिखित आवेदन देकर पूर्णतः सिमरिया रास्ते बंद करने का आग्रह किया है। यदि उपायुक्त द्वारा बंद नहीं की गई तो 3 जनवरी 2026 से अनिश्चित कालीन के लिए सिमरिया चौक पर हजारों लोग उतर कर चक्का जाम एवं धरना प्रदर्शन करेंगे।उपायुक्त चतरा को आवेदन देकर मनोज चंद्रा ने कहा है कि हजारीबाग जिला के बडका गांव प्रखंड अंतर्गत पकरी बरवाडीह कोल माइंस से हजारीबाग होते हुए चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड के घनी आबादी क्षेत्र बिरहु,शिला,पीरी, बानासांड़ी,सिमरिया,डाड़ी धनगड़ा,मिश्रौल,सेरेनदाग होते हुए टंडवा एनटीपीसी को कोयला पहुंचाया जा रहा है।जिसकी दूरी लगभग 106 किलोमीटर है। जबकि पकरी बरवाडीह परियोजना से बड़कागांव केरेडारी होते हुए टंडवा एनटीपीसी परियोजना तक की दूरी महज 20 किलोमीटर है। उन्होंने ने उपायुक्त को अवगत कराते हुए कहा है कि कोल वाहनों से लगातार दुर्घटना होने के बाद हजारीबाग जिला प्रशासन एवं बडका गांव के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिल कर टंडवा से बडका गांव रास्ते कोयला वाहनों का परिचालन बिल्कुल बंद कर दिया है। बडका गांव, हजारीबाग, बिरहु, सिमरिया,धनगड़ा,मिश्रौल के इस नए परिवहन मार्ग से कोयला ढुलाई होने से दुर्घटना दुगनी हो जाएगी। चुकी अब तक मगध आम्रपाली कोल माइंस से ट्रांसपोर्टिंग होने से 2 हजार से ज्यादा निर्दोष लोगों की जाने जा चुकी है। साथ हीं कितने लोग अपंग होकर दुर्दशापूर्ण जीने को विवश हैं।वहीं कोल वाहनों से मारे गए लोगों को चतरा प्रशासन द्वारा तय की गई राशि को अब तक पीड़ित परिवारों को रुपया नहीं मिल पाई है। ट्रांसपोर्टरों द्वारा की जा रही मनमानी और दबंगई को प्रशासन द्वारा अनदेखी की जाने से आम लोगों और पीड़ित परिवारों में प्रशासन के विरुद्ध आक्रोश है। श्री चंद्रा ने आगे कहा है कि एनटीपीसी कंपनी द्वारा कोयला जलाया गया बेकार राख (फ्लाई ऐश) में आर्सेनिक, कैडमियम और सीसा जैसी भारी धातुओं के साथ साथ सिलिका के कण भी मौजूद है।जहां सीसीआर के महीन कण के वायु में सांस एवं अन्य माध्यमों के द्वारा इंसान के फेफड़ों में जाकर जमा हो जाता है। जिससे सिलिकोरिस जैसी स्वांस संबंधी अस्थमा,सूजन जैसी घातक बीमारी के चपेट में लोग आए दिन आ रहे हैं।जबकि वाहनों द्वारा भारत में मुख्य रूप से पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी खतरनाक और अन्य अपशिष्ट नियम 2016 और विशेष रूप से कोयले की राख के लिए जारी दिशा निर्देशों को खुलम खुला उल्लंघन किया जा रहा है। इस नियम को संशोधित कर 2024 में नये नियमावली बनाए गए हैं। आगे कहा है कि यदि उपायुक्त द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान देकर सिमरिया प्रखंड के रास्ते फ्लाई ऐश और कोल वाहनों का परिचालन पूर्ण रूप से बंद नहीं किया गया तो बाध्य होकर 3 जनवरी 2026 से सिमरिया चौक पर हजारों की संख्या में महिला पुरुष भुक्तभोगी , सभी राजनीतिक दल उतर कर सड़क जाम कर देंगे।साथ हीं कोयला और फलाई ऐश परिचालन ठप करते हुए अनिश्चित कालीन सिमरिया चौक सहित संपूर्ण बंदी की जाएगी।जिसकी तैयारी जारी है।
मोकिम अंसारी
