“जीएन कॉन्वेंट स्कूल में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई”

भारत के उसे महान आत्मा को कोटि-कोटि नमन जिन्होंने भारत को एक सूत्र में पिरोया। सरदार पटेल का संघर्ष और समर्पण हमें अपने देश के लिए एकजुट होने का संदेश देता है। स्थानीय जीएन कॉन्वेंट(10+2) स्कूल में महान स्वतंत्रता सेनानी सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई जिसमें छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक शिक्षिकाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक सह शिक्षाविद मदन प्रसाद केशरी तथा उपप्राचार्य बसंत ठाकुर द्वारा सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर एवं सरदार पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए निदेशक मदन प्रसाद
केशरी ने कहा कि भारत के इतिहास में यदि किसी व्यक्ति को एकता का प्रतीक कहा जाए तो वह निःसनदेह सरदार वल्लभभाई पटेल हैं। उन्हें उनके अद्भुत नेतृत्व, दृढ़ निश्चय और अटूट राष्ट्रभक्ति के कारण लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। देश के एकीकरण में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। यह दिवस हमें एकता, अखंडता और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को पुनः स्मरण करने का अवसर प्रदान करता है। बारडोली आंदोलन के दौरान किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनके अडिग नेतृत्व और संघर्ष को देखकर वहां की जनता ने उन्हें सरदार की उपाधि दी। यही उपाधि आगे चलकर उनकी पहचान बन गई। जब 1947 में भारत आजाद हुआ तब देश सैकड़ो रियासतों में बंटा हुआ था।इन रियासतों को भारत संघ में शामिल करना एक असंभव कार्य माना जा रहा था,लेकिन सरदार पटेल ने अपने राजनीतिक सूझबूझ, कौशलता, कूटनीति और दृढ़ संकल्प के बल पर यह कार्य पूरा कर दिखाया। ये भारतरत्न पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में रहें जिन्होंने उन रियासतों को एक सूत्र में पिरोया जो आज भारत की एकता और अखंडता की नीवं हैं। उनका यह कार्य हमेशा भारतीय इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।आजादी के बाद भारत की जो तस्वीर हम देखते हैं, एक मजबूत, एकीकृत राष्ट्र, और दरअसल पटेल के लौह संकल्प का परिणाम है। यही कारण है कि उन्हें न केवल भारत का लौह पुरुष कहा गया बल्कि आज भी राष्ट्र निर्माण के सबसे प्रेरणादायक स्तंभों में से एक माने जाते हैं। गांधी जी ने उन्हें भारत का बिस्मार्क कहा। इस अवसर पर भाषण, पेंटिंग, क्विज प्रतियोगिता आयोजन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को निदेशक द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान किया गया। कार्यक्रम संयोजन का कार्य कृष्ण कुमार व मुकेश कुमार के द्वारा किया गया। जबकि एकता शपथ का कार्य नीरा शर्मा और धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ शिक्षक संतोष प्रसाद द्वारा किया गया। मंचसंचालन बसंत ठाकुर ने किया। इस अवसर पर शिक्षक वीरेंद्र शाह, नीलम कुमारी, सुनीता कुमारी, सरिता दुबे, शिवानी कुमारी, रागिनी कुमारी, चंदा कुमारी, वर्षा कुमारी,दिनेश Smjha, विकास कुमार, ऋषभ कुमार, पूजा प्रकाश आदि की भूमिका सराहनीय रही।