झारखंड राज्य वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने आयुक्त को ज्ञापन सौंंपा

0

झारखंड राज्य वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने आयुक्त को ज्ञापन सौंंपा

झारखंड राज्य वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने आज पलामू जिले के मेदीनीनगर के कचहरी परिसर में उपायुक्त कार्यलय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया।

झारखंड राज्य वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले मुख्यमंत्री के नाम पलामू प्रमंडलीय आयुक्त को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
मांग पत्र में कहा गया कि विगत 25-30 वर्षों से वित्त रहित शिक्षा नीति के तहत उच्च विद्यालय, इंटर कॉलेज, संस्कृत विद्यालय एवं मदरसा विद्यालयों में बिना वेतन के शिक्षक कर्मचारी काम कर रहे हैं।
जिन्हें वर्ष में एक बार अनुदान मिलता है। जिसकी राशि बहुत कम है।

बताया गया कि सरकार द्वारा इन उच्च विद्यालयों, इंटर कॉलेजों को नियम विरुद्ध जांच किया जा रहा है,जिसका मोर्चा विरोध करती है। शिक्षक कर्मचारियों की मांग है कि प्रस्वीकृत इंटर कॉलेज एवं उच्च विद्यालयों की जांच सरकार द्वारा बनाई गई नियमावली के तहत हो जिसमें प्रत्येक तीन वर्ष या झारखंड अधिविध परिषद जब उचित समझे जांच करा सकती है।
ज्ञापन में उल्लेखित मांगों के संदर्भ में कहा गया कि कॉलेजों, उच्च विद्यालयों संस्कृत एवं मदरसा विद्यालयों का अधिग्रहण किया जाए या तत्काल घाटा अनुदान दिया जाय।
वित्तीय वर्ष 2023-24 को चौगुना करते हुए सीधे शिक्षक के खाते में भेजा जाए।
अनुदानित स्कूल एवं इंटर कॉलेज में कार्यरत शिक्षक कर्मचारियों की सेवा निर्मित की आयु 62 वर्ष किया जाए।
विभाग के लंबित शिक्षक कर्मियों के सेवाशर्त नियमावली को मंत्री परिषद् की सहमती के लिए भेजा जाए।

मांग पत्र सौंपने वालों में अध्यक्ष पलामू प्रमंडल के सदस्य अरविंद कुमार सिंह, साहित मोर्चा के अधिकारी वा सैंकड़ो की संख्या में सदस्य मौजुद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *