“शहीदों की शहादत पर उठे सवाल: पलामू एसपी की कार्यशैली की CPI ने की निंदा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव सह डाल्टनगंज विस के पूर्व विधायक उम्मीदवार रूचिर कुमार तिवारी ने प्रेस बयान जारी कर पलामू आरक्षी अधीक्षक के कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों मनातू के जंगल में माओवादियों के साथ मुठभेड़ में पलामू जिला के दो जवान संतान मेहता और सुनील राम शहीद हो गए लेकिन यह दोनों सच्चा सिपाही पलामू आरक्षी अधीक्षक के लापरवाही के चलते शहीद हुए किसी भी मुठभेड़ में जहां मुठभेड़ में जाना होता है वहां जाने से पहले वहां के थाना और सैकड़ो फोर्स के साथ हथियार से लैस होकर के जवान जाते हैं लेकिन इस ऑपरेशन में पलामू एसपी ने केवल अपने मनमानी ढंग से 10 से 15 जवान को आदेश दे दिया कि जाइए और उसको पकड़ कर ले आइए जबकि वह माओवादी करोड़ों रुपए का इनामी और कई मुठभेड़ में शामिल खूंखार नक्सली था यह सीधा-सीधा जवानों को मौत के मुंह में धकेलना का काम पलामू एसपी ने किया है आज वह दोनों जवानों के बच्चे अनाथ हो गए मौत तो सबको आती है लेकिन किसी के लापरवाही और गलत डिसीजन के चलते अगर जान जाता है तो उसका जिम्मेवार पुलिस कप्तान होगी इसकी उच्च स्तरीय जांच यहां तक की सीबीआई जांच की मांग भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी करती है।ताकि फिर मां का बेटा अकारण मौत के मुंह में नहीं जा सके।

