बैगई जमीन पर करमा पर्व को लेकर विवाद, सरना समिति ने दी चेतावनी

अनुमंडल सह प्रखंड सरना समिति की बैठक रविवार को सरना भवन, महुआडांड़ में अध्यक्ष कमेश्वर मुंडा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में समिति के कई सदस्य शामिल हुए। बैठक के दौरान एसडीएम महुआडांड़ के रवैये की निंदा की गई और निर्णय लिया गया कि यदि 3 सितंबर को बैगई जमीन पर करमा पर्व मनाने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो विरोध स्वरूप गांव-गांव में काला झंडा लगाकर करमा पूजा आयोजित की जाएगी।
कमेश्वर मुंडा ने कहा, “हमारे सरना समिति के कुछ सदस्य और बैगा पहले से इस स्थल पर करमा पर्व मना चुके हैं। इसके बावजूद हमें अनुमति नहीं दी जा रही। जबकि इसी बैगई स्थल पर ईसाई मिशनरी समर्थक आदिवासी सरना विकास मंच के लोगों को पूजा की अनुमति दी जा चुकी है।”
उन्होंने आगे कहा कि 28 अगस्त को अनुमंडल कार्यालय में हुई बैठक में पारित समझौते के प्रस्ताव संख्या-7 में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि सरना पूजा पद्धति में आस्था रखने वाले किसी भी व्यक्ति को पूजा करने से नहीं रोका जाएगा।
एसडीएम का पक्ष
एसडीएम विपिन कुमार दुबे ने बताया, “थाना को निर्देश दिया गया है कि इस स्थल पर पहले से करमा पर्व मनाने का कोई रिकॉर्ड है या नहीं, इसकी जांच कर रिपोर्ट दी जाए। सीआरपीसी 147 के अनुसार, जिस भूमि पर जो लोग पहले से पूजा कर रहे हों, उन्हें ही अनुमति दी जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।