“करम परब: संस्कृति का उजास, प्रकृति के साथ विश्वास!

प्रकृति और संस्कृति को बचाने के संकल्प के साथ बोकारो में सम्पन्न हुआ भव्य डहरे करम बेड़हा 2025, इस करम सांस्कृतिक शोभायात्रा में शामिल हुए पचास हजार से अधिक लोग. पूरा चास हो गया पीलामय.
बोकारो:- बृहद झारखंड कला सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में रविवार को डहरे करम बेड़हा 2025 का भव्य आयोजन बोकारो में सम्पन्न हुआ। आईटीआई मोड़ स्थित जगन्नाथ महतो चौक से शुरू हुई करम शोभायात्रा कारगिल शहीद चौक, सिद्धो-कान्हू चौक होते हुए बिरसा चौक से नया मोड़ तक पहुँची। लगभग सात किलोमीटर लंबी इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु, कलाकार और समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता देखने को मिली।

मार्ग में जगह-जगह सामाजिक संगठनों और करम प्रेमियों ने सेवा शिविर लगाए, जहां श्रद्धालुओं को पानी, शर्बत और भोजन उपलब्ध कराया गया। महिलाएँ पारंपरिक पीला-लाल पाड़ साड़ी और पुरुष धोती-गमछा पहनकर ढोल, मांदर और नगाड़े की थाप पर झूमते नजर आए।

इस शोभायात्रा में झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल, उड़ीसा और असम से आए अतिथि और कलाकार भी शामिल हुए। विशेष आकर्षण धनबाद-बोकारो से आए कुड़मालि झूमर कलाकारों की प्रस्तुति रही, जिसने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।

कार्यक्रम के संयोजक सह जिप सदस्य महतो ने कहा कि “करम परब हमारी सांस्कृतिक पहचान और समृद्ध परंपरा का हिस्सा है। यह समाज की एकता, संघर्ष और धरोहर की पहचान है। ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं और झारखंड की गौरवशाली लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाते हैं।”
बोकारो में सम्पन्न डहरे करम बेड़हा ने एक बार फिर झारखंड की लोक-परंपरा, सामूहिकता और सांस्कृतिक अस्मिता को जीवंत कर दिया।इस मौके पर राजेश महतो, दयामय महतो, सचिन महतो, महेश मुत्रुआर, हरेकृष्ण महतो, सखाय महतो, सुरेश महतो, भुने महतो, मनोज महतो, परमेश्वर महतो, अशोक महतो, दीपक महतो, सुरेश महतो, कालाचांद महतो,दुर्गाचरण महतो, बबलू महतो, सरोज महतो, शिवलाल केवट, बिजय रजवार, सुशैन रजवार, दीपक पुनोरियार, संतोष, बंकिम, रामबिलास इत्यादि मुख्य रूप से थे।इस अवसर पर पर जेएलकेएम द्वारा एवं डा. भीम राव अम्बेडकर सेवा समिति द्वारा सेवा शिविर लगाया. जयदेव महतो, सुनिता महतो धीरेन महतो राजीव महतो, अमरेश महतो, सहित दर्जनों उपस्थित थे.