ख़ान पान और जीवन शैली में सुधार लाकर लड़कियां पी सी ओ डी और डाइबिटीज से बच सकती है
आज डाइबिटीज और पी सी ओ डी तेजी से लड़कियों को अपने आगोश में ले रही है । बहुत से ऐसे लड़कियां हैं जिनको समय पर मासिक धर्म नहीं आता है ऐसे में परिवार को चिंता होना स्वाभाविक है । अंक अगर देखा जाए तो अधिकांश लड़कियां इस बिमारी का शिकार हो रही है कारण है ख़ान पान, जंक फ़ुड का प्रचलन और शारीरिक श्रम ना करना। परिणाम यह होता है कि अधिकांश लड़कियां मोटापे का शिकार हो रही है और यही मोटापा पी सी ओ डी का कारण बनता है । उक्त बातें आस्था फाउंडेशन द्वारा आयोजित मेगा वुमेन्स हेल्थ कान्क्लेव में रांची की मशहूर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ सौम्या सिन्हा ने कहीं । उन्होंने लड़कियों से अपील करते हुए कहा कि आप खुल कर अपने माता-पिता को इस बारे में बताएं जिससे समय रहते इसका इलाज किया जा सके । पी सी ओ डी ठीक नहीं हो सकती किन्तु जीवन शैली में परिवर्तन लाकर आप इसे नियंत्रित कर रख सकते हैं । कार्यक्रम का आयोजन रांची महिला कालेज में किया गया था । पारस अस्पताल के मशहूर कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ गुंजेश कुमार सिंह ने कहा कि आजकल लड़कियां मुझे सबसे ज्यादा गर्भाशय और चेस्ट का कैंसर फैल रहा है किन्तु इसका टीका भी निकल गया है समय रहते इसकी पहचान होने पर इसे रोका जा सकता है । आस्था फाउंडेशन के सचिव पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि आस्था फाउंडेशन लगातार इस तरह का आयोजन सभी महिला कालेज में कर रही है जिससे की इस बिमारी के प्रति लड़कियों में जागरूकता हो । कार्यक्रम के शुरू में लड़कियों से शपथ दिलाई गई जंक फूड नहीं खाएंगे, तनाव में नहीं रहेंगे , जैसे स्लोगन से लड़कियों ने शपथ ली। कार्यक्रम को सफल बनाने में कालेज की हेड डा संचिता दास डा अरूणा प्रसाद और मनोज कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

