पलामू- गढ़वा के छात्रों के साथ छल करना बंद करें झारखंड सरकार- रूचिर तिवारी
पलामू- गढ़वा के छात्रों के साथ छल करना बंद करें झारखंड सरकार- रूचिर तिवारी
झारखंड में सभी सरकारों ने पलामू गढ़वा के छात्रों के साथ दोहरी नीति अपनाया है -भाकपा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता सूर्यपत सिंह जिला सचिव सह डालटेनगंज विस के पूर्व विधायक उम्मीदवार रूचिर कुमार तिवारी, नौजवान संघ के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, सचिव अभय कुमार भूइंया, उपाध्यक्ष आलोक कुमार तिवारी ने झारखंड सरकार के द्वारा पलामू और गढ़वा जिले के छात्रों के लिए एग्जाम में पास होने के लिए कुरुख एवं नागपुरी भाषा को अनिवार्य कर दिया गया है जो सरासर छात्र नौजवानों के साथ अन्याय एवं भेदभाव है पलामू एवं गढ़वा के छात्र नौजवानों को इस भाषा का ज्ञान नहीं है वहीं स्थानीय स्कूल एवं कॉलेज में इसकी पढ़ाई भी नहीं होती है यहां के छात्र मगही भोजपुरी एक हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं तथा शुरू से ही उनकी जानकारी भी इन छात्र नौजवानों को है ऐसी स्थिति में जो भाषा समाज के अंदर जनहित में बोलचाल के रूप में प्रयोग की जाती है वही भाषा को परीक्षा के रूप में अनिवार्य करना चाहिए लेकिन झारखंड सरकार के द्वारा छात्र नौजवानों पर जबरदस्ती भाषा को थोपकर पूरे राज्य में छात्र नौजवानों के बीच विद्वेष फैलाने काम कर रही है। झारखंड सरकार से अब मांग करते हैं कि अभिलंब लागू किया गया कुड़ुक और नागपुरी भाषा के जगह मगही, भोजपुरी और हिंदी को अनिवार्य किया जाए।

