बच्चियों को किताबी ज्ञान के साथ संस्कार भी जरूरी — रूचिर तिवारी
बच्चियों को किताबी ज्ञान के साथ संस्कार भी जरूरी — रूचिर तिवारी
बालिका सेवा केंद्र में बच्चियों को संस्कारी एवं सामाजिक बनाने पर दिया जाएगा जोर– उमा देवी
आज बारालोटा हनुमान मंदिर के प्रांगण में शिव शक्ति ट्रस्ट के द्वारा बालिका संस्कार केंद्र का उद्घाटन मानवाधिकार आयोग के जिला अध्यक्ष संध्या सिंह, जिला को ऑर्डिनेटर रुचिर कुमार तिवारी , अधिवक्ता राजीव रंजन, शीला देवी एवं बालिका संस्करण संस्कार केंद्र के प्रोपराइटर उमा देवी ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर दीप प्रज्वलित किया गया उसके बाद गोविंद हाई स्कूल एवं लोटस एकेडमी के बच्चियों ने स्वागत गान गाया। मौके पर संध्या सिंह ने कहा कि आज के समय में बालिका संस्कार केंद्र की जरूरत है ताकि बच्चियों में पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार का भी ज्ञान हो और वह संस्कारी बनकर घर परिवार एवं समाज के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन कर सके। डाल्टनगंज के पूर्व विधायक उम्मीदवार रुचिर कुमार तिवारी ने कहा कि पलामू जिला के अंतर्गत ग्राम बारालोटा में बालिका संस्कार केंद्र खुलना बहुत अच्छी बात है आजकल की बच्चियां महिलाओं को किताबी ज्ञान के साथ-साथ पारिवारिक एवं संस्कारिक ज्ञान भी होना जरूरी है इसके लिए हमारा इतिहास भी स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है श्री तिवारी ने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि माता सीता जिसका आज जन्मदिन है जिन्होंने पलंग से नीचे पैर नहीं रखा था लेकिन पति को जब वनवास होता है तो वह भी नंगे पांव 14 वर्ष तक पति के साथ वनवास काटती है और वापस सिंहासन पर बैठने के बाद भी जब उनको जंगल में छोड़ दिया जाता है तब अपने दोनों बच्चों का लालन-पालन अपने अंदाज में करती है यह उनका संस्कार था आज की महिलाओं और बच्चियों को भी इनसे सीख लेना चाहिए। पहले के जमाने में एक कमरा में चार लोग रहते थे लेकिन आज चार कमरा में भी चार लोग नहीं रह पा रहे हैं और चारों व्यक्ति अपने-अपने मोबाइल में लगकर डाटा खत्म करने और रिल बनाने में लगे हुए हैं संस्कार घर परिवार एवं माता-पिता से ही मिलता है इसलिए बच्चों के प्रथम गुरु माता-पिता ही होते हैं। यह बालिका संस्कार केंद्र मैं इन्हीं सब बातों को बताया जाएगा और मैं भी इसमें अपना योगदान दूंगा। मौके पर पूनम देवी, अस्तोर देवी, अंजली सिंह, रानी देवी, आशीष भारद्वाज, रविंद्र तिवारी, शाहिद सैकड़ो लोग उपस्थित थे।


