पर्यटकों, पुरातत्वविदो ओर इतिहासकारों के लिए अब यह जगह कौतूहल और जिज्ञासा का केन्द्र बन गया है

0
92bd4ced-5e58-4a22-aff7-11dab4d97d9b

छोटानगपुर में नागवंशी राजाओं की कभी राजधानी रही गुमला के सिसई का नवरत्न गढ़ आज भारतीय पुरातात्विक धरोहर घोषित किया जा चुका है। पर्यटकों, पुरातत्वविदो ओर इतिहासकारों के लिए अब यह जगह कौतूहल और जिज्ञासा का केन्द्र बन गया है। यही वजह है कि इसे देखने के लिए अक्सर पर्यटक यहां आते हैं।
झारखंड के गुमला जिला मुख्यालय से करीब 30 कि मीटर दूर रांची – गुमला हाइवे पर बसे इस पुरातात्विक धरोहर को खुदाई के दौरान प्राचीन भूमिगत महल की संरचना प्राप्त हुई थीं। जमीन के अंदर बनाया गया यह महल लगभग पांच से छह सौ साल पुराना हो सकता है।
महल और उसके आस पास कई अति प्राचीन अवशेष मिले हैं। कहा जाता है कि उत्तर मध्य काल में नवरत्न गढ़ नाग वंशी राजाओं की राजधानी थी। खुदाई के दौरान अब तक मिले अभिलेख और प्रमाण यह बताते हैं कि सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नाग वंश के 45वे राजा दुर्जन शाल के शासन काल में यह किला बसा था। इसे दोइसा गढ़ के रुप में भी जाना जाता था।
अभी हाल की खुदाई के दौरान यह पता चला कि राजा ने जमीन के अंदर भी भव्य महल बनवा रखा था। कहा जाता है कि मुगल शासकों के हमलों से बचने के लिए इसका निर्माण कराया गया था। इस भूमिगत महल में एक सुरंगनुमा रास्ता भी मिला है। जिसकी खुदाई की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि ऐसी जगह पर हीरे जवाहरात रखने के लिए कोई गुप्त जगह बनाया गया होगा।
बहरहाल इस ऐतिहासिक धरोहर को अगर आपने नहीं देखा है तो एक बार आप जरुर जाएं और इसका आनंद लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *