58 वर्षीया दलित महिला कुसुम देवी को बुरी तरह मारपीट कर हाथ तोड़ने व जातिसूचक गाली-गलौज के आरोपियों को एससी/एसटी एक्ट के तहत शीघ्र गिरफ्तार करे पुलिस प्रशासन:— शत्रुघ्न कुमार शत्रु

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58 वर्षीया दलित महिला कुसुम देवी को बुरी तरह मारपीट कर हाथ तोड़ने व जातिसूचक गाली-गलौज के आरोपियों को एससी/एसटी एक्ट के तहत शीघ्र गिरफ्तार करे पुलिस प्रशासन: शत्रुघ्न कुमार शत्रु
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27 मई 2024(मेदिनीनगर)
झारखण्ड क्रांति मंच के संस्थापक सह केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने आज मेदिनीनगर में प्रेस बयान जारी कर कहा है कि छत्तरपुर/पाटन विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती पुष्पा देवी जी के सगुना स्थित मायका की उनकी स्वजातिय 58 वर्षीया बुजूर्ग दलित महिला श्रीमती कुसुम देवी पर दिनांक 22/5/2024 को ग्राम खरौंधा में सगुना पंचायत की मुखिया श्रीमती मंजु देवी के पुत्र श्री रंजित सिंह व अन्य नामजद लोगों द्वारा जातिसूचक गाली-गलौज व प्राणघातक हमला कर हाथ तोड़ने की घटना अतिशय निंदनीय है।हम इस संदर्भ में दर्ज एससी एसटी थाना मेदिनीनगर कांड संख्या 07/2024 की पलामू के आरक्षी अधीक्षक श्रीमती रिष्मा रमेशन से निष्पक्ष जांच कर सभी नामजद अभियुक्तों के शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हैं।
जारी बयान में उन्होंने कहा है कि भाजपा के कार्यकर्ता व सगुना मुखिया पुत्र श्री रंजित सिंह व अन्य जातिवादी लोगों द्वारा भुईयां जाति की बुजूर्ग दलित महिला व उनके पुत्र की बर्बर पिटाई की घटना पर भाजपा के क्षेत्रीय विधायक श्रीमती पुष्पा देवी व उनके पति पूर्व सांसद श्री मनोज कुमार की निंदनीय चुप्पी यह साबित करता है कि इनके लिए समाज के मान- स्वाभिमान से ज्यादा महत्व एम०एल०ए०/एम०पी० का पद रखता है।
बयान में झारखण्ड क्रांति मंच के अध्यक्ष ने कहा है कि श्रीमती कुसुम देवी के पति श्री गुलाब भुईयां द्वारा सन 2010 में खरौंधा में वर्तमान मुखिया के घर के नजदीक विधिवत जमीन खरीदने के बाद अब घर बनाने से रोकने के लिए श्री रंजित सिंह की अगुवाई में दबंगता पूर्वक बुजुर्ग दलित महिला की प्राणघातक व बर्बर पिटाई से हम व्यथित हैं।महिला चाहे किसी भी समाज की हों,उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।यह अत्यंत दुख की बात है कि सगुना पंचायत के महिला मुखिया श्रीमती मंजु देवी के कार्यकाल में उनके पुत्र की अगुवाई में बुजुर्ग दलित महिला की प्राणघातक पिटाई कर हाथ तोड़ा गया है।
बयान के अंत में उन्होंने कहा है कि झारखण्ड के चम्पाई सोरेन सरकार में भी दलितों/आदिवासियों के साथ उत्पीडन व अत्याचार की घटनाओं में भारी वृद्धि हो रही है। सरकार की इच्छाशक्ति के अभाव में ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लग रही है।अभी पिछले दिनों 11/05/2024 को मेदिनीनगर के बारालोटा के चमरटोली में दबंगों द्वारा अशोक राम व युगेश्वर मोची के परिजनों पर दबंगों द्वारा जातिसूचक गाली-गलौज व प्राणघातक हमले के आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस रुचि नहीं ले रही है।इस तरह के उत्पीड़न व अत्याचार के मामलों में जांच के बाद भी अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है,जिसके खिलाफ 4 जून के बाद आन्दोलन का निर्णय लिया जाएगा।

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