चटकपुर स्थित देवी मंडप में वैदिक मंत्रोंच्चारण के बीच पुनः स्थापित की गई त्रिशूल एवं पिंडी

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महुआडांड: चटकपुर स्थित देवी मंडप में वैदिक मंत्रोंच्चारण के बीच पुनः स्थापित की गई त्रिशूल एवं पिंडी।

मौके पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, जय माता दी के उद्घोष से गुंजायमान हुआ पुरा क्षेत्र।

महुआडांड

महुआडांड प्रखण्ड के ग्राम चटकपुर स्थित देवी मंडप में बुधवार को पुरे वैदिक मंत्रोंच्चारण एवं पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार मंदिर निर्माता स्व0 रामबृक्ष साव के वंशजों के द्वारा पुनः त्रिशूल एवं पिंडी की स्थापना की गई। पुरोहित का कार्य चटकपुर ग्राम के बैगा मोहन नागेसिया द्वारा ढोल नगाड़े एवं शहनाई की धुन में धूम धाम से स्थापित कर विधिवत पूजा पाठ किया गया। त्रिशूल एवं पिंडी के पुनः स्थापित करने के दरम्यान स्व0 रामबृक्ष साव के वंशज महेन्द्र प्रसाद, बद्रीनाथ प्रसाद, बालगोविन्द प्रसाद, रूपेश प्रसाद, विष्णु प्रसाद आदि सपरिवार मौजूद थे। वहीं आसपास के ग्राम के सनातन धर्मावलम्बी रामदत प्रसाद, मदन प्रसाद, कपिलदेव प्रसाद, अखिलेश प्रसाद, संजय प्रसाद, रामप्रवेश प्रसाद, रमेश कुमार, बिट्टू कुमार, बिक्की कुमार, धर्मदेव प्रसाद, हीरू बड़ाइक, श्याम राम आदि समेत काफी संख्या में महिला पुरूष मौजूद थे। इस दरम्यान जय माता दी के उद्घोष से पुरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।

क्या था मामला?

विगत कुछ दिन पहले चटकपुर ग्राम के ही रहने वाले धनंजय कुजूर पिता चुइठु कुजूर ने देवी मंडप के गर्भ गृह में घुसकर मंदिर में स्थापित त्रिशूल को उखाड़ कर फेक दिया गया था साथ ही मंदिर परिसर में तोड़-फोड़ कर माता में चढ़ाये गये चुड़ी, कलश आदि को तोड़ दिया था व चुनरी को भी उतारकर बाहर फेक दिया गया तथा जूठा आम, बिस्कुट आदि को देवी मंडप में चढ़ाने का घृणित कार्य भी किया था। हांलाकि सूचना पाकर महुआडांड एसडीपीओ हिमांशु चन्द्र मांझी व महुआडाड थाना प्रभारी अविनाश कुमार के नेतृत्व में महुआडांड थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे व आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिए।

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