मेरा पंचायत मेरा पहचान’ आधारित एकदिवसीय मुखिया कार्यशाला का आयोजन
‘मेरा पंचायत मेरा पहचान’ आधारित एकदिवसीय मुखिया कार्यशाला का आयोजन।
*गढ़वा जिले में पिरामल फाउंडेशन द्वारा ‘मेरा पंचायत मेरा पहचान’ आधारित एक दिवसीय मुखिया कार्यशाला का आयोजन बंधन मैरेज हॉल में किया गया। जिसकी शुरुआत पंचायती राज पदाधिकारी प्रमेश कुशवाहा, डीपीएम शाहनवाज अंसारी और मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष शरीफ अंसारी के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान रंका, मेराल, रमना, मंझिआंव और गढ़वा के 40 मुखियाओं के बीच जीपीडीपी और जीपीपीएफटी विषय पर विस्तार से चर्चा हुई इसके साथ ही हाई कॉस्ट, लो कॉस्ट और नो कॉस्ट एक्टिविटी पर चर्चा हुई।
पिरामल टीम से कुंतल पल ने कोलाबरेशन, कन्वर्जेंस और कंपटीशन को पंचायत के सर्वांगीण विकास में उपयोगी बताया। प्रोग्राम मैनेजर कमल मिश्रा ने कहा कि पंचायतों का विकास तभी संभव है जब हम लोग सही प्राथमिकताओं को तय कर काम करेंगे। प्रोग्राम लीडर कामेश कुमार ने एक्टिविटी के माध्यम से सभी मुखिया को यह बताने का प्रयास किया, कि किसी कार्य के सकारात्मक परिणाम के लिए सभी को साथ मिलकर काम करना पड़ेगा अकेले एक व्यक्ति से विकास कार्य संभव नहीं है। इस दौरान सभी मुखिया ने एक्टिविटी के माध्यम से अपने पंचायत की सबसे बड़ी समस्या और उसका समाधान ढूढने का प्रयास किया। मुखिया ने कहा, शिक्षा एक ऐसा हथियार है जिससे हम पंचायत के सभी समस्याओं का निदान कर सकते हैं फिर हमें अपने विकास के लिए सरकार से अबुआ आवास जैसी योजनाओं की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही ग्राम सभा से हम सभी समस्याओं का हल निकाल सकते हैं। पंचायत को जीरो ड्रॉप आउट बनाने के लिए अभिभावकों को जागरूक करने का प्रयास करेंगे। इस कार्यशाला के दौरान सभी मुखिया ने जीपीडीपी़ थीम के चयन की महत्वता को समझा और उनमें जीपीडीपी़ थीम चयन प्रक्रिया को लेकर बेहतर समझ बनी। इस दौरान सभी 40 पंचायत के मुखिया ने पंचायत को जीरो ड्रॉपआउट बनाने का संकल्प लिया। इसके साथ गूगल रीड अलांग की भी चर्चा हुई सभी लोगों ने इस ऐप को उपयोगी बताया। इस कार्यक्रम में पंचायती राज पदाधिकारी, डीपीएम, पिरामल फाउंडेशन की स्टेट टीम से कुंतल पल और प्रोग्राम मैनेजर कमल मिश्रा प्रोग्राम लीडर कामेश कुमार, शिल्पा कुमारी, गांधी फैलो पूजा यादव, जयश्री देशमुख पिरामल हेल्थ टीम से मजहर, जहीर, इकलाख मो. समेत 40 पंचायतों के मुखिया एवं 100 लोग मौजूद थे।
