मनातू में अभी भी 200सो एकड़ लगे पोस्ता की खेती तैयार
मनातू में अभी भी 200सो एकड़ लगे पोस्ता की खेती तैयार।
परडे 10 से 20 केजी दूसरे राज्यों के व्यापार के माध्यम से राज्यों में ले जाने की सूचना प्राप्त।
मनातू (पलामू) : पलामू जिले के मनातू प्रखंड में अभी भी 200 एकड़ में अफीम का खेती तैयार किया गया है जो की रोज दिन 4:00 बजे भोर से 7:00 बजे दिन तक कछाई किया जा रहा है। आपको बता दे की अफीम माफियाओं की मनोबल इतनी ऊंचा है। की मनातू प्रखंड के आसपास में लगभग 10 से 20 लोक की संख्या में इधर से उधर होते रहते हैं। क्योंकि किसी तरह से कुछ लोगों की भनक मिले तो तुरंत खबर दे ताकी वहां से भाग सके।
मनातू के पलामू जिले में अभी भी उग्रवादी प्रभावित क्षेत्रों में कहीं न कहीं अफीम पोस्ता हर एक साल पोस्ता करने वाले लोगों की लिंक एक दूसरे राज्य से रखते हैं और अफीम के खेती करने में कई लोगों को बढ़ावा दे रहे हैं। जो की सरासर कानूनी अपराध है। इसके पहले कई लोगों की मनातू थाना पुलिस ने पोस्ता के खिलाफ कार्रवाई की है।
लेकिन कहीं ना कहीं पलामू पुलिस के लिए यह न कामयाबी साबित देखने को मिल रहा है। अगर पलामू पुलिस इस पर कार्रवाई नहीं करती है तो लगातार पलामू में अनियमित रूप से पोस्ता अफीम के खेती करने वाले को मनोबल कहीं ना कहीं किसी अधिकारी या बिजोलिया माफियाओं दबंग लोगों की हाथ इसमें है।
बताते चले कि कुछ दिन पहले मनातू पुलिस के द्वारा पोस्ता के खिलाफ कार्रवाई तो नहीं किया गया था लेकिन नष्ट किया गया था।
मनातू प्रखंड के कई जंगलों में काफी अफीम माफिया के द्वारा खेती को बढ़ावा देने में बहुत ऊंचा कामयाब हासिल हो रहे हैं। जो की कई राज्यों से इन लोगों ने बड़े-बड़े व्यापारियों से ताल्लुक रखते हैं।
कुछ दिन पहले चतरा पुलिस ने पोस्ता अफीम कार्रवाई की थी जो एक जवान को नक्सली एवं अफीम मथियाओं के द्वारा शहादत होने की सूचना प्राप्त की गई थी जो की अत्यंत दुखित चतरा पुलिस एवं पालम पुलिस के लिए बहुत चुनौती वाली बात है। अभी भी शहादत जवान के घर में मातम का पहाड़ टूट पड़ा है पलामू पुलिस के लिए यह एक बहुत बड़ा चुनौती है जो की अफीम माफिया अभी भी कई अधिकारियों पर भारी पड़ रहे हैं।
मनातू थाना से 5 किलो मीटर के गांव में ग्राम पंचायत डुमरी के नागद मीटार फटारिया सस्तीरवा चिड़ि उलवार जसपुर बेटा पथल सिकनी,
नागद आंगनबाड़ी केंद्र के बगल में अभी भी पोस्ता डेली निकली जा रही है न जाने
अफीम माफियाओ के इतनी ऊंची मनोबल एवं सूचना तंत्र 5g नेट के जैसा साबित हो रहा है। जो पलामू पुलिस के लिए कहीं न कहीं बहुत बड़ा ना कामयाबी हो या असफलता का हाथ पढ़ने जैसा साबित हो रहा है।
पोस्ता करने वाले अफीम माफीयाओ का मनोबल इतनी ऊंची है कि रास्ता चलने वाले लोगों एवं पत्रकारों की जान माल की खतरा भी साबित एवं सूचना प्राप्त है। हथियार लेकर ठिकाना लगाए रहते हैं माफिया।
आए दिन पत्रकारों को भी जान माल की खतरा देखी जा रही है। आशा करता हूं कि कहीं भी एक पुस्तक का पेड़ न दिखे इसके लिए पलंग पुलिस को बहुत बड़ा चुनौती।
