बड़े पैमाने पर लावालौंग क्षेत्र रिमी अमानत नदी किनारे लगी है अफीम की खेती
बड़े पैमाने पर लावालौंग क्षेत्र रिमी अमानत नदी किनारे लगी है अफीम की खेती
अफीम की खेती बचाने के नाम पर बिचौलियों और वन कर्मी द्वारा उगाही जा रही है मोटी रकम
चतरा / लावालौंग : लावालौंग प्रखण्ड के रिमी पंचायत के अंतर्गत अमानत नदी किनारे एवं प्रखण्ड के कई अन्य पंचायत के विभिन्न क्षेत्रों में अफीम की खेती बड़े पैमाने में लगा हुआ। अफीम की खेती बचाने के लिए बिचौलियों ने लिस्ट बना उक्त अफीम के किसानों से मोटी रकम की वसूली की जा रही है। वहीं वन कर्मी भी पीछे नहीं है वनकर्मी भी किसानों से मोटी रकम वसूली कर रहें हैं। चुकी अधिकतर अफीम की खेती वन भूमि में लगी हुई है। इधर जिला अधिकारी अफीम की खेती रोकने के लिए लगातार जागरूकता चला रही है। फिर भी अफीम की खेती धड़ल्ले से वन भूमि में किया जाना यह एक अबूझ पहेली है। जबकि यह खेती प्रखण्ड के रिमी अंतर्गत कमलगड़ा,गोरा,चिपवाही, गोरा नदी,जपनबही,चाडी, छगरी डहर, कुम्हिया, हाले टांड आदि के अलावे प्रखण्ड के कई अन्य पंचायतों में बृहद पैमाने पर अफीम की खेती लगी हुई है। और धड़ल्ले से अफीम निकाली जा रही है। यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई तो अफगानिस्तान बनने से कोई रोक नहीं सकता। क्योंकि अफीम की लत क्षेत्र के युवाओं में लग चुकी है। और कितने पागल और कितने मौत के शिकार भी इसी कारण से हो रहे हैं।
