₹2000 से ऊपर UPI भुगतान पर सरचार्ज का विरोध, झारखंड क्रांति मंच ने सरकार से फैसला वापस लेने की मांग की

2000₹ से उपर के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर सरचार्ज कैशलेश इकोनॉमी का भट्ठा बैठाने का प्रयास: झारखण्ड क्रांति मंच

झारखण्ड क्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने मेदिनीनगर में प्रेस बयान जारी कर कहा है कि अमेरिकी कम्पनियों के इशारे पर मोदी सरकार द्वारा 2000₹ के उपर ट्रांजेक्शन पर 0.04% सरचार्ज लगाने की घोषणा कैशलेश इंडियन इकोनॉमी का भट्ठा बैठाने का कुत्सित प्रयास है,जिसे अविलम्ब मोदी सरकार को वापस लेना चाहिए।
बयान में उन्होंने कहा है कि आसमान छूती महंगाई से जूझ रही जनता को अब मोदी सरकार की हिटलरशाही के कारण 2000₹ से ज्यादा की खरीद पर या तो व्यवसायियों को निर्धारित मूल्य के साथ 0.04% चार्ज का यूपीआई भूगतान करना पड़ेगा,अथवा नगद भूगतान करने की बाध्यता बढ़ेगी,जिससे मोदीजी के कैशलेश इकोनॉमी का गुब्बारा फूट जाएगा?
ज्ञातव्य है कि आम भारतीयों के दैनिक जीवन में छोटी-बड़ी उपभोक्ता वस्तुओं व सेवाओं के बदले भूगतान में यूपीआई के नि:शुल्क इस्तेमाल से कैशलेश इकोनॉमी गति पकड़ रही थी, लेकिन साम्राज्यवादी अमेरिका के साथ समझौतावादी ट्रेड डील के साइड इफेक्ट्स से भारतीय उपभोक्ता वर्ग को लूटने की साज़िश आकार लेना शुरू कर दिया है,जो चिंतनीय है।
बयान के अंत में जेकेएम अध्यक्ष ने कहा है कि देश में अबतक की आर्थिक रूप से लम्पट सिद्ध हो चुकी मोदी सरकार ने बैंकों में मिनिमम बैलेंस की अर्हता के नाम पर खूली डकैती को अंजाम दिया है;साथ ही एटीएम,पेटीएम,चेकबुक व एस एम एस अलर्ट आदि के नाम पर भीषण लूट मचाकर अत्यंत गरीबों व मिडिल क्लास का पहले ही कचुमर निकाल दिया है।अगर समय रहते विदेशी कम्पनियों व अडानी/अम्बानी जैसे बड़े कारपोरेट के दलाल बन चुकी मोदी सरकार को जल्द ही सत्ता से नहीं उखाड़ फेंका गया तो देश में आर्थिक अराजकता तय है।