15.59 लाख का शौचालय 8 साल से बंद, जनसुविधा के नाम पर बनी इमारत पर उठे सवाल

15.59 लाख का शौचालय, 8 साल से बंद—आखिर किसके इंतजार में है जनसुविधा?

महफ़ूज़ आलम/चतरा:
इटखोरी: इटखोरी प्रखंड अंतर्गत चौपारण रोड स्थित कृषि फार्म के सामने करीब 15 लाख 59 हजार रुपये की लागत से निर्मित शौचालय भवन वर्षों से तैयार होकर भी उपयोग में नहीं आ सका है। निर्माण को लगभग 7 से 8 वर्ष से अधिक समय बीतने को है, लेकिन आज भी राहगीरों और स्थानीय लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
चौपारण रोड से प्रतिदिन बड़ी संख्या में राहगीरों, वाहन चालकों और यात्रियों का आवागमन होता है। वहीं इटखोरी चौक पर भी लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण जनसुविधा की दृष्टि से महत्वपूर्ण था, लेकिन वर्षों से बंद पड़े इस भवन ने व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब लाखों रुपये खर्च कर शौचालय का निर्माण कराया गया, तो आखिर इसे चालू क्यों नहीं किया गया? क्या इसके संचालन को लेकर विभागों के बीच कोई समन्वय की कमी है, या फिर किसी अन्य कारण से यह सुविधा जनता से दूर है?
एक तरफ सरकार स्वच्छता और खुले में शौच से मुक्ति को लेकर लगातार अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर लाखों रुपये की लागत से बनी सार्वजनिक सुविधा वर्षों से बंद पड़ी है। इससे न सिर्फ सरकारी राशि के उपयोग पर सवाल उठता है, बल्कि उन लोगों की परेशानी भी सामने आती है जिनके लिए यह सुविधा बनाई गई थी।
अब स्थानीय लोगों और राहगीरों की मांग है कि संबंधित विभाग इस मामले की जांच कर शौचालय को जल्द से जल्द चालू कराए, ताकि सरकारी राशि से बनी यह सुविधा कागजों और भवन की चारदीवारी तक सीमित न रहकर वास्तव में जनता के काम आ सके।
जनहित का सवाल साफ है—आखिर 15 लाख 59 हजार रुपये की लागत से बना यह शौचालय कब खुलेगा और कब राहगीरों को इसका लाभ मिलेगा?