त्रिशरण,पंचशील व संविधान पाठ को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरुरी:शत्रुघ्न कुमार शत्रु
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज प्रात:6 बजे अम्बेडकर पार्क मेदिनीनगर स्थित भारतीय संविधान के निर्माता परमपूज्य बोधिसत्व बाबा साहेब डा० भीमराव अम्बेडकर जी के आदमकद प्रतिमा के समक्ष त्रिशरण ,पंचशील व संविधान की प्रस्तावना पाठ का आयोजन डा०संजय कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय बौद्ध महासभा के प्रदेश महासचिव रवि पाल ने किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में बिहारी साव, प्रो०अजय राम,बसपा नेता एंड विनोद सोनी व कार्यक्रम के अध्यक्ष डा०विरेन्द्र कुमार ने संयुक्त रुप से बाबा साहेब की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित व पुष्पांजलि अर्पित कर किया,तत्पश्चात उपस्थित गण्यमान लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर तथागत गौतम बुद्ध व बाबा साहब को नमन किया।
इस अवसर पर उपस्थित बौद्धाचार्य दिलकेश्वर कुशवाहा ने विधिवत त्रिशरण व पंचशील का समवेत स्वर में पाठ करवाया,वहीं दीपक अम्बेडकर ने संविधान की प्रस्तावना का सामुहिक पाठ करवाकर संविधान रक्षा का संकल्प दिलवाया।
कार्यक्रम मे ने रवि पाल ने रोचक तरीके से संविधान के आर्टिकल 25 से लेकर 29 पर विस्तार से चर्चा कर लोगों को जागरुक किया।वहि
कार्यक्रम में ललन प्रजापति,विश्वनाथ राम घुरा,लोचन बैठा,नन्द किशोर पासवान,अच्छेलाल प्रजापति,राजद किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ईश्वरी मेहता,पेंशनर समाज के उपाध्यक्ष जंगाली महतो,झारखण्ड क्रांति मंच के केन्द्रीय उपाध्यक्ष रामनरेश राम,बिहारी साव,अमरेश यादव,श्रवण गुप्ता,एड०देशदीपक,राजू रजक,टाईगर रौशन मेहता आदि काफी संख्या में उपस्थित लोगों ने संविधान रक्षा पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए जेकेएम के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों के संरक्षण में पाखंडवाद व अंधविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है,ऐसे में संविधान के सभी अनुच्छेदों का व्यापक अध्ययन-मनन बहुत ही जरुरी है।अभी सावन के महिने में हमारा बहुजन समाज जल चढ़ाने में मगन हो गया है,वहीं दूसरी तरफ धर्म के नाम पर हुड़दंगी लोग “एक महिना बोल बम,ग्यारह महिना तौल कम,गांजा पीकर मारो दम” पर चलते हुए सड़कों पर उत्पात मचा रहे हैं,तथागत बुद्ध ने कहा कि उत्पात व तांडव से किसी भी काल्पनिक भगवान को नहीं पाया जा सकता,धम्म मार्ग पर चलने के लिए मानव को “अप दीपो भव” को अंगीकार करना होगा।
कार्यक्रम के प्रायोजक व संचालनकर्ता रवि पाल ने 26 व 27 जुलाई को मेदिनीनगर में राष्ट्रीय बौद्ध महासभा के कार्यकर्ता प्रशिक्षण में भाग लेने का आह्वान किया।
अध्यक्षीय सम्बोधन में डा०विरेन्द्र कुमार ने पिछड़े वर्ग के भाईयों/बहनों को प्रत्येक रविवार को इस अभियान में जुड़कर संविधान व बहुजन महापूरुषों के विचारों को बचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में राष्ट्र ध्वज तिरंगा व पंचशील के झण्डे भी लहराते दिखे।


