तानाशाह रघुवर सरकार में जनता की आवाज को कुचला गया : धीरज

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तानाशाह रघुवर सरकार में जनता की आवाज को कुचला गया : धीरज

डर से भीगी बिल्ली बने रहते थे विधायक, सच को सच बोलने की नहीं थी क्षमता

गढ़वा : पूर्व विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी अपनी ही सरकार (रघुवर सरकार) में भीगी बिल्ली बने रहते थे। रघुवर दास ने तानाशाही पूर्वक राज चलाया। रघुवर राज में किसी भी विधायक, मंत्री को सच बोलने की हिम्मत नहीं होती थी। तानाशाह भाजपा की सरकार में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के लोगों की भी आवाज को कुचला गया। अपने 10 वर्षों के कार्यकाल में सरकार में रहते हुए भी पूर्व विधायक कुछ भी नहीं कर सके, परंतु अब गढ़वा में चारों तरफ तेजी से होते विकास कार्य को देखकर उनकी बेचैनी बढ़ गई है। झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता धीरज दुबे ने बुधवार को होटल पद्मावती में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर उक्त बातें कही।
श्री दुबे ने कहा कि गढ़वा में हो रहे विकास कार्यों से घबरा कर पूर्व विधायक श्री तिवारी अनरगल बयानबाजी कर रहे हैं। आज के समय में खुद श्री तिवारी के गृह पंचायत तिलदाग में जितना कार्य हो रहा है, वे अपने 10 वर्षों के कार्यकाल में इसका एक दहाई कार्य भी नही कर पाए थे जबकि वह उनका अपना पंचायत है।

आज उनकी बड़बोली निकल रही है। उनकी सरकार में कांग्रेस के पूर्व विधायक कद्दावर नेता को बेवजह जेल भेजा गया। उस समय न तो ये सच बोल पाए और न ही उनसे मिलने तक गए। इन्हें सरकार की नाराजगी का डर था। भाजपा के ही एक वैश्य नेता ने जब गरीब गुरबों की आवाज उठाई तो उन्हें भी जेल जाना पड़ा। उस समय भी पूर्व विधायक मौनी बाबा बन रहे। प्रतापपुर में फ्लोराइड की समस्या से जूझ रही जनता का आवाज जब झामुमो के नेताओं ने उठाया तब उस समय भी पार्टी के केंद्रीय समिति सदस्यों पर मुकदमा दर्ज कराया गया, सरेआम लप्पड़,थप्पड़ करते हुए उनकी आवाज को कुचला गया। अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले कांग्रेस के वरिष्ट नेता को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने कार्यालय में बुलाकर अपमानित किया गया। श्री दुबे ने कहा कि उनके कार्यकाल में न तो कोई पदाधिकारी यहां तक की थाना प्रभारी भी पूर्व विधायक की नहीं सुनते थे। रघुवर सरकार में पूर्व विधायक की हैसियत चपरासी के बराबर भी नहीं था। जब तक वे विधायक रहे तब तक न तो क्षेत्र में रहे, न तो जनता के किसी भी सुख-दुख में शामिल हुए और न ही किसी गरीब की इलाज आदि में भी किसी प्रकार का कोई सहयोग किया। ऐसे व्यक्ति तो विधायक बनने के योग्य ही नहीं हैं। आखिर जनता उन्हें क्यों विधायक बनाए। भाजपा की सरकार ने सरकारी महकमा का जमकर दुरुपयोग करते हुए आम आवाम की आवाज उठाने वाले सभी लोगों की आवाज को कुचल कर रख दिया था। भावनपुर विधायक भानु प्रताप शाही आज पाक साफ बने हुए हैं। यह जग जाहिर है कि नक्सलियों के संरक्षक भानु को दवा घोटाले में ईडी ने जेल भेजा। उन पर कई मामले दर्ज हैं। अब वह भाजपा में शामिल होते ही बिल्कुल पाक साफ बन गए। यह तो शर्मिंदगी की हद है कि एक घोटाले बाज की आवाज आज काफी तेज निकल रही है। पूरे 5 वर्ष के कार्यकाल में रघुवर सरकार ने एक भी जेपीएससी के बहाली नहीं ले पाई तब उनके कार्यकर्ता को सांप सूंघ गया था, आज निजी एवं सरकारी क्षेत्र में नौकरी प्रदान कर रहे मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर रहे हैं। मौके पर केंद्रीय सदस्य शंभु राम, शरीफ अंसारी, बीस सुत्री अध्यक्ष निरज तिवारी, पूरन तिवारी आदि लोग उपस्थित थे।

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