स्वामी विवेकानंद जयंती पर जन शिक्षण संस्थान गढ़वा ने ग्रामीण स्तर पर उत्साहपूर्ण आयोजन किया

स्वामी विवेकानंद जयंती पर जन शिक्षण संस्थान गढ़वा ने ग्रामीण स्तर पर उत्साहपूर्ण आयोजन किया
गढ़वा (झारखंड), 12 जनवरी 2026: जन शिक्षण संस्थान गढ़वा ने स्वामी विवेकानंद जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) के अवसर पर कांडी प्रखंड के कुशहां स्थित बुनियादी विद्यालय परिसर में एक भव्य ग्रामीण खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम युवा शक्ति, स्वास्थ्य, अनुशासन और सांस्कृतिक जागरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य (कांडी) नेहा कुमारी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उप मुखिया सह विधायक प्रतिनिधि आतिश सिंह, बीडीसी सदस्य अभिनंदन कुमार शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अतिथियों का बुके से स्वागत किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुई। संस्था के निदेशक प्रशांत कुमार मिश्रा ने विषय प्रवेश कर स्वामी जी के युवा विकास एवं राष्ट्र निर्माण संबंधी विचारों पर प्रकाश डाला।
सांस्कृतिक सत्र में प्रशिक्षणार्थियों ने उत्कृष्ट प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें भारत माता की झांकी के साथ वंदे मातरम तथा “हमार सोना झारखंड” नागपुरी गीत प्रमुख रहे।
खेलकूद सत्र में कबड्डी प्रतियोगिता का रोमांचक आयोजन हुआ, जिसमें चार टीमें शामिल हुईं। फाइनल मुकाबला सिलाई प्रशिक्षार्थियों की टीम और ब्यूटीशियन प्रशिक्षार्थियों की टीम के बीच हुआ, जिसमें सिलाई टीम ने विजय प्राप्त की।
सभी प्रतिभागियों को मेडल, डायरी एवं कलम प्रदान कर सम्मानित किया गया। विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी देकर पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन शिल्पी कुमारी ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम पदाधिकारी राकेश कुमार पाठक ने किया।
आयोजन को सफल बनाने में प्रशिक्षिका अनुराधा देवी, चंदन कुमार पाल, सत्येंद्र कुमार वर्मा, राहुल सिंह, रूपेश कुमार, मिथिलेश सिंह, आलोक कुमार एवं दीपक कुमार ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीणों एवं प्रशिक्षणार्थियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
जन शिक्षण संस्थान गढ़वा व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं में खेल, संस्कृति एवं राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे आयोजन स्वामी विवेकानंद के “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” संदेश को साकार करते हैं।