सतबरवा प्रखंड: रेवारातु लकडाही सतनी कोटया पहाड़ बचाने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक, आंदोलन को तेज करने का संकल्प
सतबरवा प्रखंड: रेवारातु लकडाही सतनी कोटया पहाड़ बचाने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक, आंदोलन को तेज करने का संकल्प
सतबरवा (पलामू), 10 अक्टूबर 2025: पर्यावरण संरक्षण और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए सतबरवा प्रखंड के रेवारातु पंचायत में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रेवारातु लकडाही सतनी कोटया पहाड़ को बचाने के उद्देश्य से हुई इस बैठक की अध्यक्षता पूर्व मुखिया शिवराज सिंह ने की। बैठक में प्रखंड के चर्चित समाजसेवी आशिष कुमार सिन्हा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए आशिष कुमार सिन्हा ने कहा, “जल, जंगल और जमीन हमारी धरोहर हैं। पेड़-पौधे मां के समान हैं, इन्हें बचाना हमारा कर्तव्य है। इस आंदोलन को तेज गति देने की आवश्यकता है।” उन्होंने पाकी विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक, जिन्हें गरीबों का मसीहा कहा जाता है, द्वारा वृक्षारोपण अभियान का जिक्र किया। सिन्हा ने बताया कि पहले चरण में 5,000 पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि कुल 25,000 पौधों का लक्ष्य है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि अपने हक-अधिकार के लिए एकजुट होकर लड़ें और जल्द ही इस मुद्दे पर जन आंदोलन को मंजिल तक पहुंचाएं।
सिन्हा ने कम्पनी और माफियाओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन्होंने सात निर्दोष ग्रामीणों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए हैं। “माफिया ग्रामीणों का हौसला तोड़ना चाहते हैं, लेकिन उनकी मंशा कभी सफल नहीं होगी। हम सभी एकजुट होकर इस आंदोलन को जारी रखेंगे।” उन्होंने योजना बनाई कि प्रखंड की सभी पंचायतों में आम सभाएं आयोजित कर जनता को जागरूक किया जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश व्यापक स्तर पर फैले।
बैठक में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पहाड़ क्षेत्र की खनन और वनों की कटाई से उत्पन्न खतरे पर चिंता जताई। उन्होंने संकल्प लिया कि आंदोलन को शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। मौके पर राजा सिंह, प्यारी सिंह, भीम सिंह, गनेश सिंह, नितिन गुप्ता, धर्मेन्द्र गुप्ता, रघु साव, रंजीत सिंह, अनतु सिंह, एतवरिया कुंवर, नारायण सिंह, बिमला देवी, मीना देवी, रीता देवी, पचिया देवी, सुगमनी देवी, चनदरकलिया कुंवर, रजपतिया देवी, मधेशी राम, मनोहर सिंह, दिलबाग सिंह, महर्षि सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
यह आंदोलन न केवल स्थानीय पर्यावरण की रक्षा करेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और ग्रामीण सशक्तिकरण का प्रतीक भी बनेगा। जिला प्रशासन से मांग की गई है कि माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और पहाड़ क्षेत्र को संरक्षित घोषित किया जाए।

