स्कॉलरशिप बंद, नौकरी में दादा की एंट्री” झारखंड में छात्रों का फूटा गुस्सा
छात्रवृत्ति बड़ा विवाद – छात्रों से नौकरी छीनकर दादा को नौकरी? यह कौन-सा नियम है?
झारखंड के छात्रों में गहरी नाराज़गी फैल गई है। सरकार की ओर से इस बार छात्रवृत्ति का पैसा अब तक नहीं दिया गया है, जबकि फ़ॉर्म भरने की तारीख जारी कर दी गई है। छात्र पूछ रहे हैं कि बिना स्कॉलरशिप दिए एक और अप्लाई की प्रक्रिया क्यों शुरू की गई? इससे भी बड़ा सवाल यह कि अब नौकरी पाने में छात्रों को पीछे हटाकर दादा-दादी / बुजुर्गों को प्राथमिकता देने का सरकारी नियम क्यों लाया जा रहा है?
ऊपर दिए गए दादा की फोटो का उदाहरण देखकर छात्र हैरान हैं — “पढ़ाई हम करें, डिग्री हम लाएँ, और नौकरी दादा को मिले तो फिर हम पढ़े क्यों?”
पूरे राज्य में विरोध बढ़ रहा है कि छात्रवृत्ति रोकी क्यों गई और युवाओं के रोजगार पर कौन-सा नया नियम लागू किया जा रहा है?
छात्र शासन से साफ जवाब मांग रहे हैं — स्कॉलरशिप भी चाहिए और नौकरी का हक भी चाहिए।

