सिमरिया विकास नहीं होने के पीछे क्या है मामला
सिमरिया में स्थाई हाट बाजार ना होने के कारण टंडवा रोड़ में सड़कों पर सप्ताहिक हाट बाजार लगना। सिमरिया में बस स्टैंड नहीं होना । सिमरिया में स्थाई रूप से बस स्टैंड नहीं होना। सिमरिया में स्थाई रूप बस स्टैंड नहीं होने से हमेशा तेज हॉर्न, अस्थाई बसों का ठहराव होना, चौक पर भीड़ होने के स्थिति में दुर्घटना का भय व्याप्त होना है। सिमरिया में टैक्सी स्टैंड नहीं होना , सिमरिया में स्थाई रूप से टैक्सी स्टैंड नहीं होने के कारण टैक्सी चालक चौक के जहां तहां अपने टैक्सी को सड़क के किनारे खड़ा कर देते हैं ।जिससे वाहनों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। सिमरिया में उपकारा नहीं होना , सिमरिया अनुमंडल है परंतु यहां पर उपकारा जेल का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है। इन सभी मामले को लेकर प्रशासन से पूछे जाने पर बस जमीन का अभाव बताया जाता है। परंतु आपको बता दें कि सिमरिया चौक से महज एक किलोमीटर की दूरी पर टंडवा रोड स्थित बकचौमा मौजा में 52 एकड़ गैरमजूरुआ भूमि प्रयाप्त है। वहीं हजारीबाग रोड़ स्थित महज एक किलोमीटर की दूरी पर छोटकी पुल और राजेश गेट के मध्य समीप रोल मौजा में 51 एकड़ गैरमजूरुआ भूमि प्रयाप्त है। जिसमें ना हाट का दिक्कत होगी, ना बस स्टैंड का दिक्कत और ना टैक्सी स्टैंड ना उपकारा जेल का दिक्कत होगी। हालांकि इन सभी संस्थानों को खुलने से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगी । जिससे स्वच्छ सिमरिया सुंदर सिमरिया और विकसित सिमरिया का सपना पूरा हो सकता है।

