राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला में राजा मेदिनी राय को भावभीनी श्रद्धांजलि

आज दुबियाखाड़ में बहुचर्चित राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला (दुबियाखाड़ मेला) में पहुंचकर पलामू के प्रतापी चेरो वंश के महाराजा राजा मेदिनी राय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

राजा मेदिनी राय (शासनकाल: लगभग 1658-1674) झारखंड के पलामू क्षेत्र के सबसे लोकप्रिय एवं शक्तिशाली शासकों में से एक थे। उन्होंने अपने साम्राज्य का विस्तार दक्षिण गया, हजारीबाग और सरगुजा तक किया, प्रजा की भलाई के लिए कृषि को बढ़ावा दिया और न्यायपूर्ण शासन स्थापित किया। उनकी वीरता, प्रजावत्सलता और स्वाभिमान की भावना आज भी आदिवासी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है।

“धनी धनी राजा मेदिनीयां, घर-घर बाजे मथनीयां” — यह लोकप्रिय नारा उनके शासनकाल की समृद्धि और लोकप्रियता का प्रतीक है। हमें उनके दिखाए मार्ग — न्याय, साहस और जनकल्याण — पर चलते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

मौके पर *पांकी विधानसभा के सतबरवा प्रतिनिधि सह जिला परिषद सदस्य अजय उरांव, सामाजिक कार्यकर्ता **आशिष कुमार सिन्हा, **प्रवेश यादव, *अशर्फी यादव सहित कई गणमान्य व्यक्ति और समाजसेवी उपस्थित थे।

यह मेला राजा मेदिनी राय की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होता है और झारखंड की सांस्कृतिक-ऐतिहासिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जय झारखंड! जय राजा मेदिनी राय!