पत्थलगड़ा में विकास योजनाओं की समीक्षा, लापरवाही पर अपर समाहर्ता अरविंद कुमार ने लगाई फटकार

अपर समाहर्ता अरविंद कुमार पहुंचे पत्थलगड़ा, विकास योजनाओं की समीक्षा कर लगाई फटकार, अधूरे कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश

चतरा (पत्थलगड़ा) : पत्थलगड़ा प्रखंड कार्यालय सभागार में मंगलवार को समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता-सह-निदेशक अरविंद कुमार एवं परियोजना पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहें। इस दौरान विभिन्न विभागों के कार्यों और संचालित विकास योजनाओं की बारी-बारी से समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में अपर समाहर्ता ने कई मामलों में संबंधित कर्मियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए कार्यों में लापरवाही पर फटकार लगाई।
बैठक में अंचल अधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी उदल राम, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी शशिकांत मेहता, आपूर्ति पदाधिकारी तेजनारायण पंडित, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता, पंचायत सचिव मो. असलम, राकेश प्रसाद, वीरेंद्र दास एवं योगेंद्र प्रताप राणा सहित अन्य कर्मी उपस्थित थें। इसके अलावा जी राम जी के कनीय अभियंता धनंजय कुमार, सहायक अभियंता मनोज कुमार, ग्राम रोजगार सेवक पुंकेश सिंह, टेकनारायण राम, विकास कुमार, सुनील साहू एवं धनंजय कुमार सहित विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए। इनमें बरवाडीह मुखिया संदीप सुमन, नावाडीह मुखिया प्रतिनिधि मेघन दांगी, सिंघानी मुखिया प्रतिनिधि संजय दांगी तथा नोनगांव मुखिया संगीता सिंहा शामिल थीं।
समीक्षा के दौरान अपर समाहर्ता ने मनरेगा एवं विकसित भारत-जी राम जी के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने लंबे समय से अधूरी पड़ी पुरानी योजनाओं को शीघ्र पूरा करने, ग्राम रोजगार सेवकों को कार्यों में तेजी लाने तथा मजदूरों के पारिश्रमिक का भुगतान निर्धारित समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही पंचायतों में अधिक से अधिक योजनाओं की मांग तैयार कर उन्हें धरातल पर उतारने की बात कही।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागीय पदाधिकारी और कर्मी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें। कार्यों में देरी या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कर्मियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। बैठक के दौरान उन्होंने कई कर्मियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने और योजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने की हिदायत दी।
अब देखना होगा कि बैठक में दिए गए सख्त निर्देशों और लगाई गई फटकार का प्रखंड में संचालित विकास योजनाओं की गति तथा कार्यप्रणाली पर कितना असर पड़ता है।