पर्यावरण को बचाने के लिए सभी लोगों को अत्याधुनिक सुख सुविधाओं में करना होगा कटौती: हेगड़े
कई विद्यालयों व पार्क में पौधरोपण कर प्रख्यात पर्यावरणविद ने मनाई गुरु नानक देव की जयंती
पर्यावरण को बचाने के लिए सभी लोगों को अत्याधुनिक सुख सुविधाओं में करना होगा कटौती: हेगड़े
कर्नाटक के प्रख्यात पर्यावरणविद पांडुरंग हेगड़े ने अपने तीन दिवसीय पलामू प्रवास के दौरान जिले के छतरपुर अनुमंडल के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय व डाली बाजार के प्लस टू हाई स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पर्यावरण धर्म के तहत पौधरोपण कर गुरु नानक देव जी की जयंती मनाई। वहीं डाली बाजार में मोहनलाल खुर्जा पार्वती देवी जैविक पार्क में देश व विदेश के करीब 200 से अधिक प्रजातियों के दुर्लभ पौधों का अवलोकन कर विश्वव्यापी पर्यावरणविद कौशल किशोर के द्वारा पर्यावरण के क्षेत्र में किये गए उल्लेखनीय कार्यों की काफी सराहना की। उन्होंने पार्क में पौधा भी लगाया। पर्यावरणविद हेगड़े ने कहा कि वनराखी मूवमेंट के प्रणेता कौशल किशोर ने जिस तरह से उजड़े वनों में पुनः हरियाली लाने का काम किया है उससे देशवासियों को सिख लेने की जरूरत है। लोगों को पर्यावरण धर्म अपनाने से ही पृथ्वी व प्रकृति की रक्षा हो सकेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि श्री कौशल ने पर्यावरण को बचाने के लिए जिस तरह से अपने आप को समर्पित कर देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोगों को जगाया है। वावजूद अगर लोग अपने आप को नहीं रोक पाए तो आने वाले कल को हम सुरक्षित नहीं रख पाएंगे। उन्होंने पार्क परिसर में बन रहे पर्यावरण धर्म ज्ञान मंदिर को देख दुरभाष (वीडियो)से उसकी जानकारी अमेरिकी पर्यावरणविद जार्ज एजेंट को दिया। उल्लेखनीय है कि अगले वर्ष जार्ज वनराखी मूवमेंट पर रिसर्च के लिए भारत आना है। कस्तूरबा विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्डेन किरण सिंह ने किया। डाली मुखिया की ओर से मुख्य अतिथि व अध्यक्ष को शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में हेडमास्टर शिवप्रसाद यादव, श्रवण कुमार,पूर्व मुखिया अफजल अंसारी, सुचित कुमार जायसवाल, सतेंद्र प्रसाद,जुबेर अंसारी, राम जी प्रसाद, वीरेंद्र जायसवाल, अवध किशोर प्रसाद, मुस्ताक अंसारी, वैजयंती, मोबिन अंसारी, शेर मोहम्मद अंसारी, राजू रंजन कुमार, शमीम अंसारी, वसीम, ताज मोहम्मद,फटीनन कुमार वेदिका, अनु, मुदित, गौरी, रीना, प्रतिभा,आदि शामिल थे।
