“पूर्व मेयर अरुणा शंकर के बयान पर चंद्रवंशी समाज ने जताई कड़ी निंदा, माफी की मांग और चुनावी चेतावनी”
चंद्रवंशी समाज पर सवाल उठाने का अधिकार पूर्व मेयर अरुणा शंकर को किसने दिया?
क्या अपने कार्यकाल की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए अब समाज को बदनाम करना ही उनका आख़िरी सहारा रह गया है?
मेदिनीनगर नगर निगम की पूर्व मेयर श्रीमती अरुणा शंकर द्वारा चंद्रवंशी समाज के अस्तित्व, स्वाभिमान और एकजुटता पर दिए गए बयान की चंद्रवंशी समाज कड़ी निंदा करता है। एक पूरे समाज को निशाना बनाकर की गई टिप्पणी न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह उनकी संकीर्ण और विभाजनकारी सोच को भी उजागर करती है।
यह सवाल आज पूरे मेदिनीनगर में गूंज रहा है कि पूर्व मेयर अरुणा शंकर को चंद्रवंशी समाज पर सवाल उठाने का अधिकार किसने दिया?
क्या अपने कार्यकाल की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए अब समाज को बदनाम करना ही उनका आख़िरी सहारा रह गया है?
चंद्रवंशी समाज ने हमेशा संविधान और लोकतंत्र की मर्यादा में रहकर सामाजिक न्याय, समानता और विकास की लड़ाई लड़ी है। समाज को “दहशत” या “अराजकता” से जोड़ना न केवल तथ्यहीन है, बल्कि यह सीधे-सीधे सामाजिक सौहार्द को तोड़ने का प्रयास है।
पूर्व मेयर को यह याद रखना चाहिए कि जनता ने उन्हें उनके कार्यकाल के दौरान विकास और सुशासन की ज़िम्मेदारी सौंपी थी, न कि किसी समाज विशेष पर अनर्गल आरोप लगाने का लाइसेंस। अगर उन्होंने अपने कार्यकाल में जनहित के ठोस काम किए होते, तो आज उन्हें समाज को कटघरे में खड़ा करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
चंद्रवंशी समाज के युवा स्पष्ट शब्दों में कहना चाहते है कि
हम डरने वाले नहीं हैं।
हमारे अस्तित्व और सम्मान पर कोई भी हमला होगा, तो उसका लोकतांत्रिक लेकिन करारा जवाब दिया जाएगा।
हम पूर्व मेयर अरुणा शंकर से मांग करते हैं कि वे अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और समाज में ज़हर घोलने की राजनीति बंद करें।
अगर ऐसा नहीं हुआ, तो चंद्रवंशी समाज एकजुट होकर इस चुनाव में उन्हें करारा जवाब देने का काम करेंगे ।
— अभिषेक राज
युवा नेता, चंद्रवंशी समाज
मेदिनीनगर, पलामू

