पलामू के गौरव प्रतीकों को मिले सम्मान, विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज में प्रतिमा स्थापना की मांग

पलामू के शौर्य , सम्मान और स्वाभिमान की उपेक्षा ना करें प्रशासन.. अरुणा शंकर

नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय एवं राजा मेदनी राय मेडिकल में भी प्रतिमा स्थापित हो ।

आज पलामू की प्रथम महापौर अरुणा शंकर ने पलामू के स्वाभिमान और शौर्य के प्रतीकों की उपेक्षा पर कहा
पलामू केवल एक भूगोल नहीं, बल्कि वीरों की वह पावन भूमि है जिसने देश की स्वतंत्रता और अस्मिता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महापुरुषों को जन्म दिया है । पलामू का कण-कण शहीद नीलांबर-पीतांबर के बलिदान और राजा मेदिनी राय के न्यायप्रिय शासन की गौरवगाथा सुनाता है । यह नाम हमारे लिए केवल इतिहास के पन्ने नहीं, बल्कि पलामू के शौर्य, सम्मान और स्वाभिमान के जीवित प्रतीक हैं । ऐसे में यह अत्यंत व्यथित करने वाला विषय है कि जिस महाप्रतापी राजा के नाम पर ‘मेदिनीनगर’ शहर बसा और जिस मेडिकल कॉलेज का नाम ‘राजा मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज’ रखा गया, आज वहां उनकी एक प्रतिमा के लिए समाज को संघर्ष करना पड़ रहा है । जिन नीलांबर-पीतांबर भाइयों ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में अपनी शहादत देकर हमें गर्व का अवसर दिया, उनके नाम पर बने विश्वविद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा का न होना हमारी शासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है ।
यह किसी बड़ी विडंबना से कम नहीं है कि जिस माटी को इन वीरों ने अपने रक्त से सींचा, आज उसी भूमि पर इन्हें “भूमिहीन” बना कर रख दिया गया है । जिन महापुरुषों की पहचान से पलामू को दुनिया जानती , उनके सम्मान को स्थापित करने के लिए जनता का सड़कों पर उतरना दुर्भाग्यपूर्ण है।
ऐसे मैं शासन और प्रशासन से मैं पुरजोर मांग करती हूँ कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए अविलंब निम्नलिखित स्थलों पर भव्य प्रतिमाओं की स्थापना सुनिश्चित की जाये

मेदिनीनगर के पुराने समाहरणालय (जीरो माइल): यहां पलामू के गौरव की प्रतीक प्रतिमा स्थापित हो।

नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय परिसर:- यहां शहीद भाइयों की वीरता को नमन करती प्रतिमा लगे, ताकि युवा पीढ़ी प्रेरणा ले सके ।

राजा मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज: -यहाँ न्याय और लोक-कल्याण के प्रतीक महाराजा मेदिनी राय की प्रतिमा स्थापित की जाये ।
यह केवल पत्थर की मूर्तियां लगाने का विषय नहीं है, बल्कि पलामू के खोये हुए गौरव और सांस्कृतिक पहचान को पुनः स्थापित करने का संकल्प है । प्रशासन को इस पर अविलंब संज्ञान लेकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए । प्रथम महापौर अरुणा शंकर ने कहा मैं इस संबंध में माननीय वाइस चांसलर एवं झारखंड के माननीय गवर्नर से मिलकर बात रखूंगी ताकि जल्द से जल्द इन महापुरुषों का मूर्ति यूनिवर्सिटी एवं मेडिकल कॉलेज में स्थापित कराया जा सके साथी मैं अपने सभी छात्र संगठनो से अनुरोध करूंगी शौर्य , सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई को बुलंद करें ताकि इन दोनों महापुरुषों के प्रतिमा लग सके ।