पांकी में खरीफ कार्यशाला आयोजित, कम बारिश को लेकर किसानों को किया गया सतर्क

​पांकी में प्रखंड स्तरीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन

कम बारिश की संभावना को देखते हुए कम समय वाली धान की फसलों और बागवानी पर जोर

​पांकी,प्रखंड मुख्यालय के सभागार में प्रखंड स्तरीय खरीफ कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आगामी खरीफ सीजन में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और मौसम के बदलते मिजाज के प्रति जागरूक करना था।
​कार्यशाला के दौरान कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों ने किसानों को सचेत करते हुए बताया कि इस बार अलनिनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए किसानों को विशेष रणनीति अपनाने की सलाह दी गई। किसानों से आग्रह किया गया कि वे पारंपरिक और लंबी अवधि वाले धान के बजाय हल्के धान के बीजों का चयन करें, जो कम समय और बेहद कम पानी में आसानी से अच्छी पैदावार दे सकें।
​वैकल्पिक खेती और बागवानी को बढ़ावा
​कम पानी में बेहतर मुनाफे के लिए किसानों को उद्यान (बागवानी) फसलों की ओर रुख करने के लिए प्रेरित किया गया। सही समय पर निम्नलिखित फसलों रेड एप्पल बेर, थाई पिंक अमरूद, नींबू, संतरा और आंवला,ओल जिमीकंद आदि की खेती की तकनीकी जानकारी दी गई व ​मिट्टी की सेहत सुधारने और लागत कम करने के लिए कार्यशाला में संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर दिया गया। किसानों को सलाह दी गई कि वे केवल DAP और Urea पर निर्भर न रहकर, उनके स्थान पर NPK नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम और SSP सिंगल सुपर फास्फेट का अधिक से अधिक उपयोग करें।
​जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
​इस प्रखंड स्तरीय कार्यशाला में क्षेत्र के विकास और किसानों की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से
​प्रखंड उप प्रमुख अमित चौहान ​जिला परिषद सदस्य
​विधायक प्रतिनिधि एवं सांसद प्रतिनिधि के अलावे
​विभिन्न पंचायतों के मुखिया
​प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी एवं बीटीएम सहित कृषि मित्र उपस्थित थे।