पंचतत्व में विलीन हुए अशोक प्रसाद गुप्ता, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
मेदिनीनगर (पलामू) : पलामू जिले के पांकी प्रखंड अंतर्गत हुरलौंग गांव के निवासी अशोक प्रसाद गुप्ता मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। स्थानीय श्मशान घाट पर पूरे वैदिक रीति-रिवाज एवं विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े पुत्र ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की परंपरा निभाई। अंतिम यात्रा में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों एवं ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे क्षेत्र में शोक और गम का माहौल रहा।
अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने नम आंखों से दिवंगत अशोक प्रसाद गुप्ता को अंतिम विदाई दी। श्मशान घाट पर उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कई लोगों ने उन्हें एक सरल, सहज, मिलनसार एवं समाजसेवी व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। अंतिम संस्कार में पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता, हुरलौंग पंचायत की मुखिया बिंदा देवी, प्रोफेसर बच्चन ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। बताया जाता है कि स्वर्गीय अशोक प्रसाद गुप्ता, हुरलौंग निवासी पिंटू गुप्ता के बड़े भाई थे। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। परिजनों के अनुसार सोमवार को बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची स्थित मेदाता अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार के बाद उन्हें घर वापस लाया गया। मंगलवार की सुबह अचानक उनकी तबीयत फिर से बिगड़ गई। इसके बाद परिजन तत्काल उन्हें सदर अस्पताल, मेदिनीनगर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर फैलते ही हुरलौंग गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर अंतिम दर्शन किए तथा शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने कहा कि अशोक प्रसाद गुप्ता हमेशा समाज के सुख-दुख में बढ़-चढ़कर भाग लेते थे। उनका व्यवहार इतना आत्मीय था कि हर वर्ग के लोगों के बीच उनकी विशेष पहचान और सम्मान था। ग्रामीणों ने बताया कि वे अपने हंसमुख स्वभाव, सरल व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों के लिए जाने जाते थे। गांव में होने वाले धार्मिक, सामाजिक एवं पारिवारिक आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी। जरूरतमंदों की सहायता के लिए वे हमेशा आगे रहते थे, जिसके कारण वे क्षेत्र के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे। शोकसभा में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि अशोक प्रसाद गुप्ता का जीवन समाज सेवा, सद्भाव और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनका निधन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। ईश्वर से उनकी दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गई। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, बुद्धिजीवी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, रिश्तेदार, मित्रगण एवं ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने पुष्प अर्पित कर अशोक प्रसाद गुप्ता को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उन्हें सच्चे अर्थों में समाज का एक सम्मानित नागरिक बताया।



