ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में वन महोत्सव, वृक्षारोपण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में वन-महोत्सव एवं
अन्तर सदनीय वृक्षारोपण प्रतियोगिता का आयोजन

दिनांक – 08 जुलाई 2026

ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में दिनांक 08 जुलाई दिन बुधवार को वन-महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ॰ विजिश तिलक ने एक संस्कृत श्लोक के माध्यम से वृक्ष की उपयोगिता का वर्णन करते हुए कहा कि – दशकूपसमा वापी दशवापीसमो ह्रदः।
दशह्रदसमः पुत्रो दशपुत्रसमो द्रुमः।।
अर्थात्- एक तालाब – दस कुएँ के समान है, एक झील – दस तालाब के समान है। एक पुत्र – दस झील के समान तथा एक पेड़ – दस पुत्र के समान है। ‘‘छायाम् अन्यस्य कुर्वन्ति तिष्ठन्ति स्वयम् आतपे।
फलानि अपि परार्थाय वृ़क्षाः सत्पुरुषा इव।।’’
अर्थात् – जो स्वयम् धूप में रहकर दूसरों को छाया करते हैं तथा जिसके फल भी दूसरों के लिए होते हैं। वृक्ष सज्जन पुरुषों के समान हैं। उन्होंने आगे कहा कि -‘आओ अपनी भूल सुधारें, पर्यावरण का रुप सवांरे।
कहते हैं सब वेद-पुराण, बिना वृक्ष के नहीं कल्याण।’
बढ़ती जनसंख्या और आधुनिकीकरण का सीधा प्रभाव हमारे वनों पर पड़ता है, जिसके चलते वनों की कटाई हो रही है। वनों के प्रति लोगों में जागरुकता लाने के लिए वन महोत्सव देशभर में मनाया जाता है। वन महोत्सव की शुरुआत सन् 1950 ई. में देश के कृषिमंत्री श्री कन्हैयालाल मणिकलाल मुंशी द्वारा की गई की थी। वन महोत्सव भारत सरकार द्वारा वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिवर्ष जुलाई के प्रथम सप्ताह में मनाया जाता है। इस सप्ताह में देश के सभी विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, सरकारी दफ्तरों, संगठनों और संस्थाओं द्वारा सम्पूर्ण देश में पौधे लगाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। आप सब जानते हैं कि वृक्षांे की महत्ता पुराणों में भी स्वीकार की गई है। वृक्षों के समर्पण से हमें परोपकार की शिक्षा मिलती है। इसलिए पेड़ों की रक्षा करना हम सबका परम कर्तव्य है।
वृक्ष ऑक्सीजन उत्सर्जित करते हैं तथा कार्बन-डाई-ऑक्साईड अवशोषित करते हैं। मनुष्य तथा जीव-जंतुओं के लिए वृक्ष बहुत लाभकारी है। वृक्षों की बहुत अधिक कटाई होने से वातावरण में असंतुलन हो गया है और मौसम में काफी परिवर्तन आया है, जिससे धरती के तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। अतः जीवन एवं पृथ्वी, जल-संरक्षण तथा पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए वृक्ष लगाना जरूरी है।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सहित सभी शिक्षकों द्वारा भी विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया।

(डॉ॰ विजिश तिलक)
प्राचार्य