नशा मुक्त समाज निर्माण में आंगनबाड़ी सेविकाओं की भूमिका अहम, जागरूकता कार्यशाला में बोले उपायुक्त
निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध जागरूकता को लेकर समाज कल्याण विभाग की कार्यशाला आयोजित
राज्य में 15 जून 2026 से 26 जून 2026 तक संचालित होने वाले निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध राज्यव्यापी अभियान को लेकर गुरुवार को समाहरणालय के द्वितीय तल्ले स्थित सभागार में जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत समेत अन्य पदाधिकारियों द्वारा किया गया।
उद्घाटन के पश्चात उपायुक्त श्री शेखावत ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार की चिंता रहती है। ऐसे में यदि किसी परिवार का सदस्य नशे की लत का शिकार हो जाये तो उस परिवार पर क्या बीतती होगी, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब समाज के युवा नशे की गिरफ्त में आने लगते हैं तो यह अत्यंत भयावह स्थिति होती है। दुर्भाग्य की बात यह है कि अब बच्चे भी नशे की चपेट में आ रहे हैं और यही बच्चे आगे चलकर अपने जीवन को बर्बाद करने की कगार पर पहुंच सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की सहायिकाओं एवं सेविकाओं द्वारा नशे के विरुद्ध व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। आप सभी सीधे समाज और जमीनी स्तर से जुड़ी हुई हैं, ऐसे में आपकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे रचनात्मक एवं प्रभावी तरीकों से लोगों के बीच नशा विरोधी जागरूकता का प्रसार करें।
कार्यशाला के दौरान आगामी दिनों में निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध किस प्रकार चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया जाना है, इससे संबंधित विस्तृत जानकारी सभी को दी गयी। साथ ही जागरूकता कार्यक्रमों की रूपरेखा, समुदाय स्तर पर किए जाने वाले गतिविधियों एवं संबंधित पदाधिकारियों व कर्मियों की भूमिका पर भी विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों, कर्मियों, लेडीज सुपरवाइजर एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा नशामुक्त समाज निर्माण हेतु शपथ भी ली गयी। शपथ के माध्यम से सभी ने अपने स्तर से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
मौके पर उप विकास आयुक्त सादात अनवर, सिविल सर्जन डॉ. अनिल, जिला कल्याण पदाधिकारी प्यारेलाल, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान, सामाजिक सुरक्षा के सहायक निदेशक, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर तिग्गा, जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरभ कुमार, विभिन्न बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में लेडीज सुपरवाइजर एवं आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित रही।


