नक्सलियों का गढ़ रहा गोरहो आज भी विकास से दूर, जर्जर सड़क से ग्रामीण परेशान

नक्सलियों के गढ़ रहे गोरहो में आज भी विकाश से कोसों दूर गांव।

नौडीहा बाजार/पप्पू यादव

नौडीहा बाजार (पलामू): पलामू जिले के नौडीहा बाजार प्रखंड के अति सुदूरवर्ती करकटा पंचायत अंतर्गत गांव गोरहो के ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक समय नक्सलियों के गढ़ के नाम से प्रसिद्ध रहा यह गांव आज भी विकास से कोसों दूर है।

ग्रामीणों के अनुसार, गोरहो से बुदवालेवा तक जाने वाली लगभग 4 किलोमीटर की मुख्य सड़क की स्थिति बेहद जर्जर है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरी सड़क जगह-जगह से टूटकर तालाब में तब्दील हो गई है और घुटने भर पानी और कीचड़ जमा होने से आवागमन बाधित हो रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस बदहाल सड़क पर मोटरसाइकिल निकालना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को रोजाना परेशानी होती है और बीमार होने पर एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती है, जिससे मरीज को खाट पर लादकर ले जाना पड़ता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस गांव में करीब डेढ़ सौ घर हैं, जिसमें ज्यादातर आदिवासी और ओबीसी परिवार रहते हैं और यह गांव उपेक्षा का शिकार है। ग्रामीणों का आरोप है कि वोट के समय नेता विकास का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गांव को भूल जाते हैं।

इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने उपायुक्त पलामू और प्रखंड विकास पदाधिकारी से अविलंब सड़क निर्माण की मांग की है।

मांग करने वालों में मुख्य रूप से विजय यादव, अमित कुमार, देवचंद यादव, श्री यादव, बृजेश यादव, अमरेश कुमार, मोती यादव, कामेश यादव, सुनर यादव, राजन, चंदन, प्रदीप, मुकेश सहित कई ग्रामीण शामिल थे।

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