निकाय के प्रति सरकार की मंशा अच्छी नहीं.. अरुणा शंकर
निकाय के प्रति सरकार की मंशा अच्छी नहीं.. अरुणा शंकर
2 वर्षों में पानी, नली, गली, सड़क, स्ट्रीट लाइट सब रखरखाव के अभाव में खराब ।
आज प्रथम महापौर अरुणा शंकर अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ नगर परिषद कार्यालय कैंपस में भाजपा द्वारा आयोजित एक दिवसीय धरना मैं पहुंच कर अपनी बातों को रखते हुए कही झारखंड सरकार निकाय चुनाव आखिर विलंब से क्यों करना चाहती ? EVM और दलीय आधार को दरकिनार क्यों कर रही ? इसमें सरकार की मनसा स्पष्ट नजर आ रही है की होने वाला निकाय चुनाव फेयर नहीं होगा । प्रथम महापौर ने अपनी बातों को रखते हुए स्थानीय मुद्दों पर भी अपनी बात रखी और कहा आज निगम भंग हुई 2 वर्ष हो गए आम लोगों को कितनी परेशानी हो रही है शायद सरकार को इसकी चिंता नहीं । आज हर छोटी-छोटी समस्या के लिए निगम दौड़ना पड़ता लेकिन कोई सुनने वाला नहीं स्थिति बद से बदतर होते जा रही । रोड, नाली, गली, स्ट्रीट लाइट जो हमेशा रिपेयर होते रहने की चीज है वह भी खराब होता जा रहा जिसकी खामियाजा आम जनता भुगत रही। प्रथम महापौर ने कहा जनता सब देख रही चुनाव में सरकार के रवैया के विरुद्ध फैसला करेगी क्योंकि काम हो चाहे ना हो होल्डिंग टैक्स लग ही रहा जो टैक्स नहीं रंगदारी है।


