मलय डैम चैनल टूटने से सिंचाई संकट गहराया, किसानों ने मरम्मत की उठाई मांग
मलय डैम चैनल नंबर 18 टूटने से सिंचाई संकट, किसानों ने विधायक से की शीघ्र मरम्मत की मांग
मेदिनीनगर (पलामू): सतबरवा प्रखंड अंतर्गत मलय डैम की चैनल संख्या 18 के टूटने से हजारों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय किसान आशीष कुमार सिन्हा ने इस मामले को लेकर मेदिनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री आलोक चौरसिया जी को पत्र लिखकर शीघ्र मरम्मत कराने की अपील की है।
आशीष कुमार सिन्हा, निवासी ग्राम पोखरी, थाना सतबरवा ने अपने पत्र में बताया कि बीते दिसंबर 2025 में चैनल संख्या 18 टूट गया था, जिसके कारण पानी बेवजह बह रहा था। उन्होंने 18 दिसंबर 2025 को तत्कालीन अधिकारियों को सूचित किया था और कुछ मरम्मत भी हुई, लेकिन वह अधूरी रही। अब मानसून आने वाला है, ऐसे में पूरी मरम्मत न होने पर बड़े पैमाने पर सिंचाई संकट उत्पन्न हो सकता है।
105 गांवों की 1.55 लाख हेक्टेयर भूमि प्रभावित
पत्र के अनुसार, मलय डैम से तीन प्रखंडों के कुल 105 गांवों की लगभग 1,55,000 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होती है। इसमें सतबरवा प्रखंड के 36 गांव (42 लेसलिंज क्षेत्र) शामिल हैं। पिछले कई वर्षों से चैनल की उचित मरम्मत न होने के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आशीष कुमार सिन्हा ने लिखा है कि यदि समय रहते चैनल की मरम्मत नहीं कराई गई तो मानसून के बाद हजारों एकड़ भूमि पर सिंचाई पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी, जिससे किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट आ जाएगा।
विधायक से मांग
किसान ने विधायक श्री आलोक चौरसिया से नम्र अनुरोध किया है कि वे इस मामले में तुरंत संज्ञान लें, स्थल का निरीक्षण कराएं और चैनल संख्या 18 की पूर्ण मरम्मत सुनिश्चित कराएं, ताकि किसानों को खरीफ मौसम में समय पर सिंचाई का पानी उपलब्ध हो सके।
यह मुद्दा स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा में है। किसान संगठनों का कहना है कि मलय डैम से जुड़ी नहरों की नियमित मरम्मत न होने से क्षेत्र के कृषि उत्पादन पर लगातार नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से भी अपेक्षा
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से भी त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

