मॉडर्न पब्लिक स्कूल के छात्रों ने निकाली तिरंगा यात्रा और विद्यालय में कराई गई गतिविधियां

आजादी के 79 वर्ष पूर्ण होने पर पूरा भारत इसे एक महोत्सव के रूप में मना रहा है ।झुमरी तिलैया स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने आजादी के इस जश्न को मनाते हुए गुरुवार को तिरंगा यात्रा निकाली । हाथ में तिरंगा झंडा लिए , विभिन्न राज्यों के संस्कृतियों को दर्शाते उस राज्य के पारंपरिक वस्त्र पहने ,झंडे के तीनो रंगो के परिधान पहने विद्यालय के छात्र ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘भारत माता की जय’ जैसे जोशीले नारे लगा रहे थे। इन जोशीले नारों से विद्यालय से लेकर पूरा झंडा चौक और स्टेशन रोड गूंज उठा। विद्यालय शिक्षक संदीप राणा एवं विजय कुमार ने अमर शहीदों के बलिदानों को बताते हुए तिरंगा रैली में उनके नारों को जोशीले ढंग से प्रस्तुत किया, जो काफी सराहनीय था। तिरंगा यात्रा में विद्यालय के बैंड ग्रुप के छात्र अपने सुसज्जित परिधान एवं बैंड- बाजे के साथ आजादी का डंका बजाते हुए तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। तिरंगा यात्रा में शामिल सभी छात्रों के जोशीले नारों को देख आसपास के लोगों के दिलों में भी देशभक्ति की भावना जाग उठी । वे भी छात्रों के साथ नारे लगाने लगे। पूरा माहौल देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत लग रहा था। तिरंगा यात्रा विद्यालय से लेकर झंडा चौक तक हुई फिर पुनः विद्यालय वापस आई। इस भव्य यात्रा में कोडरमा की विधायिका श्रीमती नीरा यादव स्वयं शामिल हुईं और छात्रों का मनोबल बढ़ाया। इतना ही नहीं इस आजादी के जश्न में किड्स पैराडाइज के नन्हे बच्चों की माताओं ने भी अपनी देशभक्ति की भावना को प्रकट करते हुए विद्यालय परिसर में ही सुंदर-सुंदर पोस्टर बनाएं।जो काफी आकर्षक लग रही थी। उनके द्वारा बनाया गया पोस्टर उनकी देश के प्रति भक्ति का परिचय दे रही थी। विद्यालय प्राचार्य श्री गुरुचरण वर्मा ने छात्रों को आजादी के महत्व को समझाते हुए वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से अवगत भी कराया। उन्होंने भगत सिंह, खुदीराम बोस ,सुखदेव जैसे महापुरुषों का उदाहरण देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के वीरता का परिचय दिया और छात्रों के साथ मिलकर यह प्रण किए कि हम अपनी मातृभूमि के खातिर अपना सर्वस्व निछावर कर देंगे। विद्यालय निर्देशिका श्रीमती संगीता शर्मा ने भी अपने जोशीले नारों से छात्रों में जोश भरते हुए कहा कि हम उन वीर महापुरुषों को नमन करते हैं, जिन्होंने भारत को आजादी दिलाने के लिए न जाने कितनी गोलियां खाई। हमें उन वीर सैनिकों से सीख लेनी चाहिए । हमें आजादी के महत्व समझ बिना भेदभाव किए भारत को निरंतर विकास के पथ पर ले जाना होगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में पुरे विद्यालय परिवार की भूमिका सराहनीय रही।