लुटेरी दुल्हन, दो दलाल और पहला पति पहुंचे सलाखों के पीछे, पति को किया बेहोश
कानपुर: कानपुर में दुल्हन के कांड ने सभी को हैरान कर दिया। ककवन में सुहागरात पर पति को बेहोश कर पहले पति के साथ फरार हो रही लुटेरी दुल्हन पकड़ी गई। साथ ही ऐसा गिरोह का खुलासा हुआ है जो जरूरतमंदों को जाल में फंसा दुल्हन उपलब्ध कराते थे। सुहागरात में लुटेरी दुल्हनें पति को बेहोश कर माल समेटकर फरार हो जाती थीं। गिरोह में 16 से ज्यादा महिलाएं हैं। पुलिस ने एक लुटेरी दुल्हन, दो दलालों व उसके पहले पति को जेल भेज खुलासा किया ककवन के रहीमपुर विषधन का देवेश सब्जी विक्रेता है। उसकी नौ साल पहले पत्नी की मौत हो गई थी। देवेश के मुताबिक एक माह पहले रिश्तेदार के जरिए दोनों ने 70 हजार में दुल्हन दिलाने की बात कही तो मान गया। 15 जून को रजनीश और दीपक पीड़ित देवेश और उसके पिता को सेंट्रल स्टेशन लेकर पहुंचे। यहां दोनों ने की मुलाकात बलिया की मुस्कान और उसके दूसरे पति राजकुमार से कराई। राजकुमार को मुस्कान का भाई बताया। बात तय होने और 70 हजार देने के बाद रसूलाबाद स्थित धर्मगढ़ बाबा के मंदिर में देवेश ने मुस्कान से शादी कर ली।शादी के बाद वह दूसरे पति को भी साथ ले गई। रात आठ बजे मुस्कान ने देवेश को खाना दिया, एक घंटे बाद वह बेहोश हो गया। तभी दोनों जेवर-नकदी लेकर भाग निकले। रात तीन बजे देवेश को होश आया तो देखा कि दोनों गायब हैं। कमरे का सारा सामान बिखरा पड़ा है। वह सीधे विषधन से कानपुर जाने वाले चौराहे पर पहुंचा। यहां मुस्कान और राजकुमार सवारी के इंतजार में बैठे मिल गए। कड़ी मशक्कत के बाद देवेश और ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एसओ ककवन अभिलाष मिश्रा ने सर्विलांस टीम और देवेश की मदद से दलाल रजनीश उर्फ पंडित और दीपक को धर दबोचा। एसीपी बिल्हौर अजय कुमार त्रिवेदी ने एसओ ककवन समेत सर्विलांस टीम को 25 हजार पुरस्कार दिया
