किशोर कुमार की जयंती पर बोकारो में कलाकारों ने दी स्वरमयी श्रद्धांजलि
बोकारो: फिल्म जगत के सुप्रसिद्ध गायक व अभिनेता किशोर कुमार की जयंती पर सोमवार की शाम सेक्टर 12 में कलाकारों ने उन्हें स्वरमयी श्रद्धांजलि दी। स्वरागिनी म्यूजिकल ग्रुप के बैनर तले रमण चौधरी व रागिनी सिन्हा अंबष्ट के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत गायक अरुण पाठक, जय कुमार, सोमेश मिश्रा, राजेन्द्र शेखर, नीरज सिंह, गंगाधर मिश्रा व अन्य द्वारा किशोर कुमार की तस्वीर पर माल्यार्पण व पुष्पार्चन से हुई। अरुण पाठक ने कहा कि किशोर कुमार बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। गायन, अभिनय सहित फिल्म निर्माण, निर्देशन व लेखन के क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी। रमण चौधरी ने कहा कि किशोर कुमार ने हर तरह के गीत गाए लेकिन मस्तीभरे गीतों को गाने में उन्हें महारत हासिल थी। जय कुमार ने कहा कि किशोर दा के गाए गीत जन जन में लोकप्रिय हैं। सोमेश मिश्रा ने कहा कि किशोर दा के गाए गीत सभी को भाते हैं। राजेन्द्र शेखर ने कहा कि किशोर कुमार के गीत युवाओं को विशेष प्रिय हैं। नीरज सिंह व गंगाधर मिश्रा ने भी किशोर दा को विशिष्ट प्रतिभा संपन्न कलाकार के रूप में याद किया।
अरुण पाठक ने छोटी सी ये दुनियां पहचाने रास्ते हैं., तेरी दुनियां से होके मजबूर चला., देख सकता हूं मैं कुछ भी होते हुए नहीं मैं नहीं देख सकता सकता तुझे रोते हुए., यहां वहां सारे जहां में तेरा राज है., सोमेश मिश्रा ने आ री आजा., चंदा ओ चंदा., ओ मांझी रे., जय कुमार ने सिमटी सी शरमाई सी., एक ऋतु आए एक ऋतु जाए., रमण चौधरी ने होटों पे जान चली आयेगी., चिंगारी कोई भड़के., जाने क्या सोचकर.., कभी होती नहीं है जिसकी हार., राजेन्द्र शेखर ने बंगला में अमार शिल्पी किशोर कुमार.., हमें तुमसे प्यार कितना., रिमझिम गिरे सावन व अंत में सभी ने मिलकर चलते-चलते मेरे ये गीत याद रखना. की सुरीली व भावपूर्ण प्रस्तुति से किशोर कुमार को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के अंत में कलाकारों ने झारखंड आंदोलन के जनक, पूर्व मुख्यमंत्री व जननेता शिबू सोरेन के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

