जंगली मशरूम खाने से बीमार हुए परिवार के 8 सदस्य स्वस्थ, अस्पताल से मिली छुट्टी
गिरिडीह। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता के चलते जमुआ प्रखंड के नवरडीहा स्थित महादेव मंदिर के समीप एक ही परिवार के आठ सदस्य, जिनमें वयस्क व बच्चे शामिल हैं, फूड प्वाइजनिंग से पीड़ित होने के बाद सफल उपचार के उपरांत स्वस्थ होकर अपने घर लौट आए। घटना 15 जुलाई को हुई थी जब परिवार ने मौसमी जंगली खुखड़ी (मशरूम) का सेवन किया था और सभी सदस्य अचानक अस्वस्थ हो गए थे।
उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल सदर अस्पताल, गिरिडीह में भर्ती कराया गया जहां उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। उपचार के बाद सभी मरीजों की स्थिति स्थिर हुई और उन्हें घर भेज दिया गया।
आज जिला रैपिड रिस्पॉन्स टीम (District RRT) तथा जमुआ प्रखंड की स्वास्थ्य टीम ने प्रभावित क्षेत्र और परिवार का विस्तृत स्वास्थ्य सर्विलांस किया। सर्विलांस टीम में फूड सेफ्टी ऑफिसर, गिरिडीह-2 आशुतोष चंद्र गहलोत, आईडीएसपी कार्यालय की माइक्रोबायोलॉजिस्ट जूली टेरेसा मरांडी दीपक कुमार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमुआ के चिकित्सा पदाधिकारी, बीपीएचयू प्रतिनिधि, लैब टेक्नीशियन व अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे। टीम ने जांच के दौरान पाया कि सभी आठों सदस्य पूर्णतः स्वस्थ हैं और किसी प्रकार की जटिलता नहीं पाई गई। चिकित्सा दल ने प्रभावित परिवार को आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श भी दिया।
उपायुक्त रामनिवास यादव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि ऐसे घटनाओं में त्वरित चिकित्सीय सहायता, सतत निगरानी और जन-जागरूकता सुनिश्चित की जाए ताकि संभावित स्वास्थ्य जोखिमों का समय पर निदान व उपचार हो सके। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि बरसात के मौसम में जंगली या अपरिचित मशरूम का सेवन न करें और किसी भी फूड प्वाइजनिंग के लक्षण (उल्टी, दस्त, पेटदर्द, चक्कर) दिखाई देने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
जिला प्रशासन ने कहा है कि जनस्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर सतर्कता व त्वरित कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

