गुरु पूर्णिमा पर संस्कार भारती ने किया ‘कला गुरु सम्मान’, डॉ. लालमोहन मिश्रा हुए सम्मानित
गुरु पूर्णिमा पर संस्कार भारती ने किया ‘कला गुरु सम्मान’, डॉ. लालमोहन मिश्रा हुए सम्मानित
गढ़वा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर संस्कार भारती, गढ़वा जिला इकाई द्वारा आयोजित ‘कला गुरु सम्मान’ समारोह में भारतीय शास्त्रीय एवं लोक संगीत के प्रख्यात साधक तथा संस्था के संरक्षक डॉ. लालमोहन मिश्रा को माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. मिश्रा ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा दिखाने वाले प्रकाश स्तंभ होते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संगीत की गुरु-शिष्य परंपरा हमारी सांस्कृतिक धरोहर है और नई पीढ़ी को भारतीय कला एवं संगीत से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम में संस्कार भारती झारखंड प्रांत के प्रांतीय कला धरोहर संयोजक नीरज श्रीधर ‘स्वर्गीय’ ने कहा कि गुरु पूर्णिमा अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति संकल्प दोहराने का पर्व है, जबकि पलामू विभाग संयोजक डॉ. शंभू कुमार तिवारी ने संस्कृत में कजरी प्रस्तुत कर गुरु परंपरा और भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला।
समारोह में अरुण कुमार दुबे, जगतरण तिवारी, मदन प्रसाद केशरी, द्वारिका नाथ पांडेय, ब्रजेश पांडेय, ज्योतिषाचार्य श्याम नारायण पांडेय एवं रंगकर्मी कौस्तुभ सहित कई वक्ताओं ने गुरु के सम्मान, भारतीय कला-संस्कृति के संरक्षण और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में शिक्षक राजेश मिश्र समेत बड़ी संख्या में कला, साहित्य और संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे। समारोह का संचालन नीरज श्रीधर ‘स्वर्गीय’ ने किया, जबकि अंत में ब्रजेश मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक वंदे मातरम् गान के साथ हुआ।

