ग्रामीणों ने पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल,चंदे के पैसे से कराई टूटे आहर बांध की मरम्मत
ग्रामीणों ने पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल,चंदे के पैसे से कराई टूटे आहर बांध की मरम्मत
पांकी प्रखंड के नौडीहा पंचायत अंतर्गत ग्राम बालुडीह में ग्रामीणों और किसानों ने मिलकर एकता और आत्मनिर्भरता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। पिछले एक वर्ष से प्रशासन की उदासीनता झेल रहे ग्रामीणों ने आखिरकार खुद के खर्च पर खाड़ पर टूटे आहर बांध की मरम्मत करवा दी है।
सिंचाई और आवागमन का गहराया था संकट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष हुई भारी बारिश के कारण बालुडीह गांव के खाड़ पर बना आहर का बांध टूट गया था। बांध टूटने की वजह से आहर में पानी का ठहराव पूरी तरह बंद हो गया था, जिससे स्थानीय किसानों के सामने खेतों की सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। इसके अलावा, बांध का रास्ता क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
लंबे समय तक प्रशासनिक स्तर पर कोई सुनवाई न होने के बाद, स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने खुद ही इस समस्या से निपटने का फैसला किया। ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर निजी खर्च से एक जेसीबी मशीन की व्यवस्था की और युद्धस्तर पर कार्य कर बांध के मरम्मत का काम पूरा कराया। अब आहर में पानी रुकने की उम्मीद जगी है और रास्ता बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
मौके पर मौजूद अनुज कुमार यादव,आदित्य यादव,विनेशर यादव,सगुनी भुइया,अशोक भुइयां
सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यदि हम प्रशासन के भरोसे बैठे रहते, तो इस साल भी हमारी फसलें पानी के अभाव में सूख जातीं और रास्ता बंद रहता।

