गिरिडीह में पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ, वैदिक मंत्रों से गूंजा अलकापुरी दुर्गा मंडप
गिरिडीह। अखिल विश्व गायत्री परिवार महिला मंडल, गायत्री शक्तिपीठ गिरिडीह के तत्वावधान में आज अलकापुरी दुर्गा मंडप में आठवां पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन महिला मंडल की बहनों ने किया और इसका शुभारंभ उर्मिला बरनवाल द्वारा गुरु एवं गायत्री की वंदना से किया गया।
वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ सभी देव-शक्तियों का आवाहन किया गया और लगभग 100 भाइयों व बहनों ने मिलकर यज्ञ में आहुति देकर समस्त उपस्थितों के उज्जवल भविष्य, स्वस्थ एवं सुखी जीवन की प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान मां गायत्री की आरती भी अति श्रद्धा व भक्ति के साथ की गई।
महिला मंडल की पंचबा समन्वयक पूनम गुप्ता ने कहा कि गायत्री परिवार के माध्यम से संस्कारों की परंपरा को पुनर्स्थापित करने हेतु कुल 16 प्रकार के संस्कार संपन्न कराये जाते हैं। उन्होंने विशेषकर गर्भ के तीन माह पर पुंसवन, जन्म के एक माह में नामकरण, जन्म के छह माह बाद अन्नप्राशन तथा विद्यालय में प्रवेश से पूर्व विद्यारम्भ संस्कार का उल्लेख किया। साथ ही हर वर्ष जन्मदिन एवं विवाह दिवस संस्कार मनाने, और दीक्षा, यज्ञोपवीत, विवाह एवं मरणोपरांत संस्कार भी संपन्न करवाने का विधान बताया ताकि आने वाली पीढ़ियाँ संस्कारवान बनें।
कार्यक्रम में सभी सहभागीओं से अपने-अपने मुहल्लों में ऐसे धार्मिक व संस्कारपरक कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया गया। उपस्थित सभी ने जीवन से एक-एक बुराई छोड़ने, एक-एक अच्छे कार्य करने तथा नियमित गायत्री उपासना करने का संकल्प लिया।
यज्ञ के सफल आयोजन में मुख्य प्रबंधक कामेश्वर सिंह, भागीरथ प्रसाद सिंह, अनिरुद्ध राम, पोखन महतो, पुष्पा शक्ति, अर्चना देवी, अंजू देवी, उर्मिला बरनवाल, सुमन गुप्ता, वीणा गुप्ता, उमा गुप्ता, मधु चौरसिया, अमृता बरनवाल, पूनम गुप्ता, पूनम राम, सुचित्रा देवी सहित अनेक भाई-बहनों ने सहयोग दिया।

