गिरिडीह कॉलेज में वित्तीय अनियमितता का आरोप, अभाविप ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी

गिरिडीह। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने गिरिडीह कॉलेज प्रशासन पर गंभीर वित्तीय अनियमितता, फर्जी हस्ताक्षर और सरकारी बैंक से अवैध निकासी का आरोप लगाते हुए तत्काल जांच व सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन में विश्वविद्यालय स्तर पर संज्ञान लेकर प्राचार्य व बर्सर को पदमुक्त नहीं किया गया तो भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
अभाविप के प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू ने बताया कि 1 जुलाई 2026 को संगठन ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग को साक्ष्य सहित लिखित शिकायत सौंपी थी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने न तो जांच की और न ही कोई कार्रवाई की। जिला संयोजक नीरज चौधरी ने कहा कि कॉलेज प्रशासन विद्यार्थियों की आवाज दबा रहा है और शांतिपूर्ण विरोध तक की अनुमति नहीं देता; यहां तक कि विद्यार्थियों पर झूठे एफआईआर तक दर्ज कराए जा रहे हैं।
अभाविप के प्रदेश एस.एफ.एस. सह-संयोजक अनीश रॉय ने विद्यार्थियों व अभिभावकों से अपील की है कि पठन-पाठन को ठीक करने और भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई के लिए संगठन का साथ दिया जाए। संगठन की प्रमुख मांगें हैं: वर्तमान प्राचार्य व बर्सर द्वारा कथित मनमानी और वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, फर्जी हस्ताक्षर व सरकारी बैंक से अवैध निकासी के मामले में एफआईआर व सख्त विभागीय कार्रवाई। यदि तीन दिन में संज्ञान नहीं लिया गया और संबंधित पदाधिकारियों को हटाया नहीं गया तो भूख हड़ताल, जिसकी जिम्मेदारी महाविद्यालय व विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
अभाविप ने स्पष्ट किया कि उसके धरना-प्रदर्शन में प्रशासनिक या पठन-पाठन कार्यों में बाधा नहीं डाली जाएगी, बावजूद इसके प्राचार्य ने अनुमति नहीं दी, जिसे संगठन ने दुखद बताया। धरना-प्रदर्शन में विभाग छात्रा प्रमुख अंजलि कुमारी, नगर सह मंत्री अभिजीत सिन्हा, कॉलेज मंत्री कृष पासवान, कॉलेज उपाध्यक्ष मुन्ना पंडित, दीपक वर्मा, विवेक तरवें, कला, कॉलेज सह मंत्री कृष्ण दास, प्रवीण स्वर्णकार, जय सिंह, अंजय साहू, प्रसिद्ध सिन्हा सहित अभाविप के अन्य सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल रहे।
ज्ञात हो कि पिछले कुछ महीनों से गिरिडीह कॉलेज कई मुद्दों को लेकर सुर्खियों में रहा है। हाल में अभाविप ने प्रेस रिलीज़ जारी कर भ्रष्टाचार व घोटाले का आरोप लगाया था। ऐसे में विश्वविद्यालय की चुप्पी और जांच न होने से स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही है।